18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कर्मचारियों का जरूरी है सशक्तिकरण : मुंबई यूनिवर्सिटी

मुंबई यूनिवर्सिटी का 163वां स्थापना दिवस संपन्न मेधावी समेत शिक्षकों का सम्मान कुलपति ने 'कर्मचारियों के सशक्तीकरण' के महत्व पर डाला प्रकाश कर्मचारी संतुलित पोषण व नियमित व्यायाम को दे रहे महत्व

less than 1 minute read
Google source verification
Patrika Pic

कर्मचारियों का जरूरी है सशक्तिकरण : मुंबई यूनिवर्सिटी

मुंबई. मुंबई यूनिवर्सिटी की 163वें स्थापना दिवस ले मौके पर केंद्रीय लोक सेवा आयोग (सिविल सेवा -2018) के मेधावियों समेत उत्कृष्ट, नवीन और कुशल कार्य के लिए शिक्षकों, कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। मुंबई यूनिवर्सिटी के वर्षगांठ के मौके पर 2015 से शुरू हुए व्याख्यान श्रृंखला के पांचवें दिन, कुलपति डॉ. म्हैसकर ने 'कर्मचारियों के सशक्तीकरण' के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सभी ने अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखा है और संतुलित पोषण व नियमित व्यायाम का महत्व रहे हैं। उन्होंने बदलती दुनिया की जरूरतों, प्रौद्योगिकी के उपयोग और इसकी ज्यादतियों के संभावित परिणामों के बारे में भी विस्तार से बताया। वहीं मुख्य अतिथि महाराष्ट्र स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, नासिक के कुलपति डॉ. दिलीप म्हैस्कर, मुंबई विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रवींद्र कुलकर्णी, कुलसचिव, डॉ. अजय देशमुख, परीक्षा व मूल्यांकन बोर्ड के निदेशक डॉ. विनोद पाटील समेत वित्त और लेखा अधिकारी माधवी इंगोले के हाथों 21 शिक्षक कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।

सात जिलों में 791 महाविद्यालय...
वहीं 1857 से स्थापित मुंबई यूनिवर्सिटी के 162 वर्षों को याद करते हुए प्रो. रवींद्र कुलकर्णी ने कहा कि हमेशा समाज के बौद्धिक और नैतिक शक्ति के रूप में जबरदस्त काम किया है, जिसके चलते हमेशा अग्रणी रहा है। विदित हो कि चेन्नई और कोलकाता विश्वविद्यालय की स्थापना भी मुंबई यूनिवर्सिटी के साथ हुई थी, जिनका ने विवादास्पद परिवर्तन रहा। वहीं मुंबई यूनिवर्सिटी से संबध्द सात जिलों में 791 महाविद्यालय हैं।