
Ganeshotsav
महाराष्ट्र में 31 अगस्त से गणपति का आगमन हो रहा है। कोरोना प्रतिबंधो के चलते 2 साल बाद मुंबई में गणेश चतुर्थी पूरे जोरो-शोरों के साथ मनाई जाएगी। मंडलों में गणेश चतुर्थी के त्योहार की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। इस बीच बीएमसी ने गणेश उत्सव को लेकर नई गाइडलाइन भी जारी कर दिया है। बीएमसी ने सभी गणेश मंडलों के लिए नए नियमों का एलान कर दिया है। इन नियमों का पालन करना सभी मंडलों के लिए अनिवार्य है।
इस साल गणेशोत्सव के दौरान मूर्तियों की ऊंचाई पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, लेकिन मंडपों की ऊंचाई सीमित रखी गई है। इसके तहत मंडप 30 फीट से ज्यादा ऊंचा नहीं बनाया जा सकता है। यदि 25 फीट से अधिक ऊंचा मंडप है तो मंडप की गारंटी मंडप द्वारा दी जायेगी और मंडप को उसके लिए उत्तरदायी ठहराया जायेगा। अगर नए मंडप या 2019 से पहले के मंडप की माप में कोई बदलाव होता है, तो पुलिस को प्रमाण पत्र के लिए अनुवर्ती कार्रवाई करनी होगी। यह भी पढ़ें: Mumbai News: मुंबई में 25 साल तक टिकाऊ सड़कें बनाने की योजना, इस विभाग की मदद लेगी BMC
बता दें कि मुंबई में कोरोना के नियंत्रण में होने की वजह से इस साल गणेशोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा है। अगले दस दिनों में बप्पा पहुंचेंगे और बप्पा के स्वागत के लिए गणेश भक्तों का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। मार्च 2020 में कोरोना के चलते त्योहार को नियमों के अंतर्गत मनाया जाना था। लेकिन इस साल जैसे-जैसे कोरोन का खतरा कम हुआ है, मुंबई में भी उत्सव का माहौल बढ़ गया है। नगर पालिका द्वारा निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य किया गया है।
नगर पालिका ने ये साफ कर दिया है कि बीएमसी के लाइसेंस विभाग के माध्यम से सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल में निषिद्ध विज्ञापन लगाने वाले बैनरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंडप क्षेत्र में नगर पालिका द्वारा तैयार जनोपयोगी वॉल पेपर, कपड़े के पैनल को प्रदर्शित किया जा सकता है। वहीं शहर में मलेरिया, लेप्टो, डेंगू, स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ गया है ऐसे में मंडप क्षेत्र को साफ रखने की पूरा जिम्मा बोर्ड के कंधों होगा।
Published on:
22 Aug 2022 04:01 pm
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