Good News: कस्तूरबा अस्पताल में शुरू होगा आइसोलेशन वार्ड

कस्तूरबा अस्पताल ( Kasturba Hospital ) में शुरू होगा आइसोलेशन वार्ड ( Isolation Ward ), विभिन्न संक्रामक रोगियों ( Infectious Patients ) का होगा इलाज ( Treatment ), बुखार ( Fever ) , लेप्टो ( Lepto ), डेंगू ( Dengue ), पीलिया ( Jaundice ) और खांसी ( Cough ) आदि जैसी बीमारियों के इलाज, मरीजों को ले जाया गया अस्पताल

By: Rohit Tiwari

Updated: 12 Nov 2019, 11:25 AM IST

मुंबई. मुंबई में संक्रामक रोगों के मरीजों को नगर पालिका के कस्तूरबा अस्पताल में ले जाया गया। रोगियों को संक्रामक रोगों समेत विभिन्न संक्रामक रोगों के लिए भर्ती किया जाता है। कस्तूरबा अस्पताल में संक्रामक रोगों से संक्रमित रोगियों के लिए एक अलग कमरा यानी आइसोलेशन वार्ड की आवश्यकता होती है। इसलिए कस्तूरबा अस्पतालों के मौजूदा कमरों को इन रोगियों के लिए अलग कमरों में बदला जाएगा। नगरपालिका का कस्तूरबा अस्पताल मुंबई का 515 बेड वाला एकमात्र संक्रामक रोग अस्पताल है और इसका उपयोग मुख्य रूप से बुखार, लप्टो, डेंगू, पीलिया, खरास और खांसी आदि जैसी बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। साथ ही मरीजों को भी भर्ती किया जाता है। जब इस तरह की बीमारियों का प्रचलन बढ़ जाता है तो मरीजों को अलग कमरे में रखने की जरूरत होती है। इसलिए कस्तूरबा अस्पताल में हवाई संक्रामक रोगों से संक्रमित रोगियों के लिए अलग कमरे बनाना आवश्यक है।

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8 करोड़ रुपये की राशि खर्च...
विदित हो कि कस्तूरबा अस्पताल में इन रोगियों के लिए आइसोलेशन वार्ड शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इस आइसोलेशन वार्ड में हाई प्रेशर एयर कंडीशनिंग, मेडिकल गैस पाइपलाइन, फायर सिस्टम, सीसीटीवी कैमरा, रूम मैनेजमेंट सिस्टम, इलेक्ट्रिकल और अन्य काम किए जाएंगे। इसके लिए एक ठेकेदार का चयन किया गया है और इस पर 8 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। वहीं चिकित्सा अधिकारियों ने कहा कि अस्पताल में जल्द ही विशाल वातानुकूलित और मुक्त सुसज्जित वार्ड होगा और यह अलग वार्ड एक तरह से संक्रमण को रोक देगा।

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नगरपालिका अस्पतालों के वार्ड भी होंगे वातानुकूलित...
केईएम, शिव और नायर ये तीनों अस्पताल अब एयर कंडीशनिंग पर फैसला करेंगे और साथ ही नगर पालिका आयुक्त प्रवीण परदेशी ने कहा कि बाहरी एजेंसियों की सहायता से सफाई बनाए रखने पर भी ध्यान दिया जाए। इसलिए अब जल्द ही नगरपालिका भी निर्णय लेने में सक्षम होगी। वहीं इस व्यवस्था से अब नगरपालिका अस्पताल भी निजी अस्पतालों की तरह दिखेंगे।

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