
हाय यह क्या कर डाला, हजारों निवेशकों की बना दी काली दिवाली
मुंबई. अभी देश भर में पीएमसी घोटाले की आग ठंडी नहीं हुई है कि एक दूसरी बड़ी ठगी निवेशकों के साथ हो गई। बीसी योजना और फिक्स डिपॉजिट के नाम पर ठाणे, नवी मुंबई, डोंबिवली, अंबरनाथ, कल्याण, उल्हासनगर के हजारों लोगों के करोड़ों रुपए लेकर गुडविन ज्वैलर्स नामक दुकान संचालक फरार हो गया। चार दिन से ज्वैलर्स ने अपने सभी आउटलेट्स बंद कर दिए हैं। अपने डूबे रुपए पाने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ दुकान के बाहर उमड़ गई, मौके पर पहुंची पुलिस ने माहौल को संभाला।
जानकारी के अनुसार गुडविन ज्वेलर्स का ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण, डोम्बिवली सहित आसपास के शहरों में कई शाखा है। इन शाखाओं में ज्वैलर्स की तरफ से बीसी योजना और फिक्स डिपॉजिट योजना के माध्यम से नागरिकों को आकर्षित कर रहे थे। इस झांसे में आकर हजारों की संख्या में लोगों ने इनकी लुभावनी योजनाओं में करोड़ों रुपए का निवेश किया। जानकारी के अनुसार ज्वैलरी शॉप के बाहर 21 अक्टूबर को दुकान के बाहर दो दिनों तक इसके बंद रहने का नोटिस लगाया गया था। लेकिन बाद में छह दिनों तक दुकान बंद रहने पर निवेशकों को शंका होने लगी। दिवाली के मौके पर बड़ी संख्या में निवेशक शॉप पर पहुंचने लगे, लेकिन शॉप संचालकों की ओर से कोई प्रतिउत्तर नहीं मिलने पर लोगों को अपने साथ ठगी होने की आशंका सताने लगी। हजारों की संख्या में नागरिकों ने डोम्बिवली सहित अन्य शाखाओं में पहुंच कर हंगामा किया। शनिवार की सुबह से ही डोंबिवली के ब्रांच पर हजारों लोग पहुंच गए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस भी पहुंच गई। पिछले चार दिनो से गुडविन ज्वैलर्स ने अपने सभी आउटलेट्स अचानक बंद कर दिए।
गुडविन ज्वेलर्स के मालिक सुनील नायर और सुधीर नायर जो मूल रूप से केरल के रहने वाले हैं, ये दोनों भी फरार बताए जा रहे हैं। गुडविन ज्वेलर्स का मुख्य कारोबार लोगों से (बीसी) के नाम पर रुपए जमा कराते थे। बीसी पूरा होने पर लेागों को ज्वैलरी देते थे। ज्यादातर लोगों की बीसी पूरी हुई और वो लोग दिवाली के त्योहार पर सोना-चांदी के गहने लेने पहुंचे तो दुकानों पर ताले लगा देखकर चकित रह गए। बहरहाल ज्वैलर्स का मालिक फरार बताया जा रहा है।
ऑनलाइन पेमेंट चार्ज के नाम पर खुलेआम लूट
केन्द्र और राज्य सरकार की ओर से ऑनलाइन पेमेंट को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन ज्वलर्स की ओर से ग्राहकों से ऑनलाइन पेमेंट करने पर अतिरिक्त दो प्रतिशत चार्ज वसूला जाता था। कई ग्राहकों ने इस संबंध में शिकायत की, पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
Updated on:
26 Oct 2019 06:37 pm
Published on:
26 Oct 2019 06:20 pm
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