19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गुलशन कुमार मर्डर केस: हाइकोर्ट का फैसला

रउफ मर्चेंट की सजा बरकरार, दोषी अब्दुल राशिद को आजीवन कारावासहत्या के लिए उकसाने के आरोप से रमेश तौरानी बरीमाफिया डॉन दाऊद और अबू सालेम के इशारे पर 1997 में की गई थी कैसेट किंग की हत्या

2 min read
Google source verification
उस दिन मंदिर गए थे गुलशन कुमार तभी सामने से आए हमलावर और फिर...

उस दिन मंदिर गए थे गुलशन कुमार तभी सामने से आए हमलावर और फिर...

मुंबई. कैसेट किंग गुलशन कुमार की हत्या के दोषी रउफ मर्चेंट को बांबे हाइकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। सेशन कोर्ट ने 2002 में मर्चेंट को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। हाइकोर्ट ने इस बरकरार रखा है। सेशन कोर्ट द्वारा बरी अब्दुल राशिद को भी अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हत्या के लिए उकसाने के आरोपों से अदालत ने रमेश तौरानी को बरी कर दिया है। सेशन कोर्ट के फैसले को राज्य सरकार ने हाइकोर्ट में चुनौती दी थी। म्यूजिक इंडस्ट्रीज की जानीमानी हस्ती गुलशन कुमार की हत्या जुहू स्थित एक मंदिर के बाहर 12 अगस्त, 2002 को की गई थी। मंदिर के बाहर घात लगाए हत्यारों ने 16 गोलियों से उनका शरीर छलनी कर दिया था। माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम और अबू सालेम के इशारे पर उनकी हत्या की गई। इसके पीछे कारोबारी होड़ भी बताई जाती है। जूस बिक्रेता के बेटे गुलशन कुमार ने तेजी से म्यूजिक इंडस्ट्री में धाक जमाई। प्रतिस्पर्धियों की नजर में वे गड़ गए। हकीकत में गुलशन कुमार ने कई संगीतकार जोडिय़ों को मौका दिया। उनकी कंपनी टी सीरीज ने कई फिल्में भी बनाईं।

चार याचिकाएं
गुलशन कुमार हत्याकांड से जुड़ीं चार याचिकाएं हाइकोर्ट में दाखिल की गई थीं। सेशन कोर्ट ने रउफ, राकेश चंचला , राकेश खावकर को दोषी ठहराया था। तीनों ने इसके खिलाफ अपील की थी। निचली अदालत ने तौरानी को बरी कर दिया था। सेशन कोर्ट के फैसले को सरकार ने चुनौती दी थी। बीमार मां से मिलने के लिए 2009 में रउफ को पैरोल मिली थी। लेकिन, वह बांग्लादेश भाग गया था।

आजमगढ़ में बना तमंचा
गुलशन कुमार की हत्या के लिए उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में बना तमंचा इस्तेमाल किया गया था। तमंचे पर मेड इन बम्हौर लिखा था। यह गांव आजमगढ़ के मुबारकपुर थाना क्षेत्र में आता है। जांच के लिए मुंबई पुलिस बम्हौर भी पहुंची थी। जांच के दौरान बम्हौर में अवैध हथियार फैक्ट्री का खुलासा हुआ। हाइकोर्ट के फैसले में बम्हौर में बने तमंचे का जिक्र है। अपराधियों ने वहीं से तमंचा खरीदा था।