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समलैंगिक पति को अग्रिम जमानत नहीं, हनीमून पर गे पार्टनर को भी बुलाया

फैसला: पत्नी से छिपायी थी जानकारीसोशल मीडिया पर हुई मुलाकात, पिछले साल दोनों की शादी

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 शादी को लेकर किए चौंकाने वाले खुलासे

शादी को लेकर किए चौंकाने वाले खुलासे

मुंबई. पत्नी को धोखा देने से जुड़़ मामले में ठाणे की अदालत ने आरोपी समलैंगिक पति को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। सेशन कोर्ट के जज आरएस गुप्ता ने यह कहते हुए आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी कि उसने शिकायकर्ता के जीवन को न सिर्फ अपूरणीय क्षति पहुंचाई बल्कि उनके माता-पिता का दिल भी दुखाया है। तीस वर्षीय महिला का कहना है कि आरोपी ने होमोसेक्सुअल होने की जानकारी छिपा कर उसके साथ धोखा किया है। उसने सालाना 14 लाख रुपए के पैकेज का नियुक्ति पत्र दिखाया, जो फर्जी था। शादी के बाद दंपती हनीमून के लिए बाहर गए थे। महिला का कहना है कि मना करने के बावजूद आरोपी ने अपने गे पार्टनर को बुलाया था। सोशल मीडिया पर दोनों की मुलाकात हुई थी। पिछले साल नवंबर में दोनों ने शादी की। आरोपी नवी मुंबई में रहता है।

शादी के बाद खुली पोल
महिला ने पुलिस को बताया कि शादी के बाद पोल खुली। निजी वाट्सऐप संदेशों और मोबाइल में मौजूद वीडियो से पता चला कि उसका पति समलैंगिक है। यह जानकार वह दंग रह गई कि दो पुरुषों के साथ उसके यौन संबंध हैं। महिला ने जब इस बारे में पूछताछ की तो आरोपी ने चाकू दिखा मुंह बंद रखने की धमकी दी।

फोन चैटिंग सबूत
मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि आरोपी और उसके पुरुष मित्रों के बीच फोन पर बातचीत (चैट) के सबूत हैं। चैटिंग से साफ पता चलता है कि समलैंगिक है। आरोपों को खारिज करते हुए बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि इसका मकसद मेरे मुवक्किल को बदनाम व परेशान करना है।