
Sanjay Raut And Basavaraj Bommai
महाराष्ट्र और कर्नाटक सीमा विवाद काफी पुराना है। दरअसल दोनों राज्यों के कुछ ऐसे सीमावर्ती भाग हैं जिन पर दोनों ही राज्यों के अपने-अपने दावे हैं। महाराष्ट्र का कर्नाटक के कुछ क्ष्रेत्रों में मराठी भाषी लोगों की तादाद अधिक होने के आधार पर दावा कायम है। ऐसे ही कर्नाटक के सीएम बासवराज बोम्मई ने भी महाराष्ट्र के सांगली जिले के जत तालुका के 40 गांवों पर कन्नड़ भाषियों की तादाद अधिक होने की वजह से आज यह दावा किया कि वे कर्नाटक में शामिल होना चाहते हैं।
इसके बाद महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि एक भी गांव नहीं देंगे उल्टा कर्नाटक के कारवार, बेलगाम, निपाणी जैसे सीमावर्ती भागों को महाराष्ट्र में लेने की कार्रवाई की जाएगी। इसे चेतावनी समझते हुए आज दोबारा कर्नाटक के सीएम बासवराज बोम्मई ने एक ट्वीट कर महाराष्ट्र के जज्बात को भड़का दिया हैं। इस बीच शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत ने इस पर बेहद कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी है। यह भी पढ़े: BMC इलेक्शन में शिवसेना होगा फायदा! आदित्य ने तेजस्वी को मुंबई आने का दिया न्योता
बता दें कि कर्नाटक सीएम बासवराज बोम्मई ने आज एक ट्विटर पर ट्वीट कर महाराष्ट्र के कन्नड़ भाषी लोगों के अधिक तादाद वाले अक्कलकोट और सोलापुर इलाके को कर्नाटक में शामिल करने का दावा किया और कहा कि कर्नाटक के एक ईंच जमीन भी देने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस का यह सपना कभी पूरा नहीं होगा।
इस पर आज अपनी प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत ने कहा कि ये सब हो क्या रहा है। गुजरात हमारे यहां से इंडस्ट्री ले जा रहा है। कर्नाटक हमारे गांव और जिले ले जाने की बात कर रहा है। महाराष्ट्र की ये कमजोर सरकार क्या कर रही है? कर्नाटक के सीएम को मैं चेतावनी नहीं, धमकी दे रहा हूं…हां, इसे धमकी ही समझो। अपनी बकवास बंद करो। ये लूंगा, वो लूंगा की भाषा पर लगाम लगाओ। शिवसेना स्वाभिमान के साथ उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में खड़ी है, यह बात याद रखना।
संजय राउत ने आगे कहा कि वो 40 विधायकों का गुट (शिंदे) कब क्यों चुप बैठा हैं? जो कहा था कि स्वाभिमानी महाराष्ट्र के लिए उद्धव ठाकरे से अलग हुए। अब कहां गया आपका स्वाभिमान? एक सीएम गांव ले जाने की बात कर रहा, एक इंडस्ट्री उठा कर ले जा रहा हैं और आप बस बैठ कर तमाशा देख रहे हैं? महज कहने भर से होगा, कि एक गांव भी जाने नहीं देंगे?
दूसरी तरफ महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने बुधवार को शिरडी में साईं बाबा का दर्शन करने के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। जत तालुका के गांवों की मांग काफी पुरानी है। वहां पानी की कमी की काफी ज्यादा दिक्कत है। कल और परसों हमारी इस पर अहम बैठक हुई है। हम एक भी गांव महाराष्ट्र से कर्नाटक जाने नहीं देंगे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए, सेंट्रल गवर्नमेंट के सहयोग से बातचीत से मसला सुलझाएंगे।
Updated on:
24 Nov 2022 02:25 pm
Published on:
24 Nov 2022 02:24 pm
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