
Illegal Dargah: महाराष्ट्र में गुरुवार को नवी मुंबई प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास बनी अवैध दरगाह को ध्वस्त कर दिया। यह दरगाह हाल ही में बनाई गई थी। इसके बाद से हिंदू संगठनों ने इस अवैध संरचना को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुरक्षा के लिए खतरा बताया था। सूत्रों की मानें तो हिंदू संगठनों की ओर से बार-बार शिकायतें मिलने के बाद सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (CIDCO) और पनवेल पुलिस ने दरगाह को ध्वस्त करने का फैसला लिया। इसके बाद गुरुवार को दरगाह ध्वस्त कर दी गई।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र के नवी मुंबई स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास हाल ही में अचानक एक दरगाह बनाई गई। हिंदू संगठनों ने इस दरगाह को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए पुलिस और सिडको के पास शिकायत दर्ज कराई। इसपर सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (CIDCO) ने हवाई अड्डे के पास बनाई गई अवैध दरगाह के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया था। हिन्दू संगठनों ने एक महीने पहले भी हवाई अड्डे के पास पहाड़ी पर स्थित दरगाह को लेकर शिकायत की थी। इसमें यह आरोप लगाया था कि साल 2012 में कुछ पत्थरों को रंगकर यहां अतिक्रमण किया गया था। जो अब एक एकड़ से ज्यादा जमीन पर फैलकर दरगाह का रूप ले चुका है।
दरअसल, महाराष्ट्र के नवी मुंबई में हिंदू संगठन के आईटी सेल ने गृह मंत्रालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास अचानक एक दरगाह बन गई है। उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि पनवेल के गांव में एक पहाड़ी पर अतिक्रमण करीब 15 साल पहले शुरू हुआ था। जो अब एक दरगाह का रूप ले चुका है। यह दरगाह एक एकड़ जमीन पर फैली हुई है, जिसमें टीनशेड की छतों वाले करीब छह कमरे हैं। नवी मुंबई में बनने जा रहे नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास बनी यह अवैध संरचना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।
हिन्दू संगठन के आईटी सेल की ओर से गृह मंत्रालय को बताया गया “मुंबई के मौजूदा हालातों को देखते हुए यह अवैध संरचना एक बड़ा खतरा है। हालांकि सिडको द्वारा अवैध संरचना को हटाने के लिए नोटिस दिया गया है, लेकिन अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।” इससे पहले हिंदू संगठन (हिंदू जनजागृति समिति) ने मार्च 2023 में सिडको को पत्र लिखकर अवैध दरगाह को गिराने की मांग की थी।
नवी मुंबई में ऐसी ही अन्य अवैध संरचनाओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल सिडको के अधिकारियों से भी मिला था। इस प्रतिनिधिमंडल ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अतिक्रमण की शुरुआत कुछ पत्थरों को हरे रंग में रंगने से हुई थी और अब यह एक एकड़ में फैल गया है। जिसमें एक परिसर, फव्वारा, गुंबद, पानी की टंकियां, आउटहाउस, गेस्टहाउस और एक पार्किंग स्थल है। इसके बाद गुरुवार को नवी मुंबई प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया।
Updated on:
21 Nov 2024 07:17 pm
Published on:
21 Nov 2024 06:59 pm
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