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जैन मुनि के बयान से बवाल, बोले- मराठी भाषा की रचना जैन आचार्य ने की, सच्चे मराठी हम हैं

Jain Acharya Nayan Padmasagar on Marathi: मुंबई में एक कार्यक्रम में जैन मुनि आचार्य नयन पद्मसागर ने दावा किया कि छत्रपति शिवाजी महाराज की बहू महारानी ताराबाई जैन थीं। उन्होंने यह भी कहा कि जैन सच्चे मराठी है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Apr 01, 2026

Eknath Shinde jain muni Nayan Padmasagar

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी जैन मुनि आचार्य नयन पद्मसागर के कार्यक्रम में थे (Photo: X/Eknath Shinde)

जैन मुनि आचार्य नयन पद्मसागर (Acharya Nayan Padmasagar) के मराठी और छत्रपति शिवाजी महाराज की बहू महारानी ताराबाई (Maharani Tarabai) को लेकर दिया हालिया बयान विवादों में घिर गया है। इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति और सामाजिक गलियारों में हलचल मचा दी है। दरअसल जैन मुनि ने दावा किया कि मराठी भाषा की रचना जैन आचार्य ने की थी। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि औरंगजेब का नाश करने वाली महारानी ताराबाई भी जैन समुदाय से थीं।

जैन रानी थीं ताराबाई- आचार्य नयन पद्मसागर

महाराष्ट्र में एक बार फिर इतिहास को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जैन मुनी आचार्य नयन पद्मसागर के एक बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। मुंबई के दादर इलाके में जैन समुदाय के एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया कि महारानी ताराबाई जैन समुदाय से थीं और उनका जन्म औरंगजेब के विनाश के लिए हुआ था। इस बयान के सामने आते ही पूरे राज्य में बहस तेज हो गई है।

मराठी भाषा को लेकर भी किया दावा

आचार्य नयन पद्मसागर ने अपने भाषण में यह भी दावा किया कि मराठी भाषा की रचना जैन आचार्य ने की है। उन्होंने कहा, “मराठी भाषा की रचना जैन आचार्य ने की थी। इसलिए कोई मराठी की दुहाई हमें नहीं दें। हमारे दिल में जितना मराठी का लहू बहता है, उतना किसी में नहीं। सच कहूं तो पूरे भारत में अगर सच्चे मराठी कोई है तो वो सारे के सारे जैन है। संत ज्ञानेश्वर जी ने ज्ञानेश्वरी में लिखा है कि मराठी भाषा की रचना एक जैन आचार्य ने की है। यहां तक की महाराष्ट्र के पाटिल जाति के लोग भी जैन धर्म का पालन करते है।“

डिप्टी सीएम शिंदे के सामने दिया गया विवादित बयान

मुंबई में आयोजित इस कार्यक्रम में आचार्य नयन पद्मसागर ने आक्रामक अंदाज में भाषण देते हुए कहा कि महाराणी ताराराणी जैन थीं। खास बात यह रही कि यह बयान उस मंच से दिया गया जहां महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भाजपा के मुंबई अध्यक्ष अमित साटम भी मौजूद थे। इस वजह से यह विवाद और ज्यादा गहरा गया है।

अनावश्यक विवाद पैदा न करें- संभाजी छत्रपति

जैन मुनी आचार्य नयन पद्मसागर के बयान पर शिवाजी महाराज के वंशज संभाजी छत्रपति (Sambhaji Chhatrapati) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “एक मुनि द्वारा दिया गया यह बयान पूरी तरह तथ्यहीन और बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। धार्मिक गुरुओं के पद पर बैठे व्यक्तियों द्वारा महान हस्तियों के बारे में झूठे दावे करना बहुत अशोभनीय है। शांतिप्रिय समाज से जुड़े मुनि को बिना वजह विवाद पैदा नहीं करना चाहिए।“

इतिहासकारों ने दावे को बताया गलत

हालांकि इतिहास के जानकारों ने जैन मुनि के इस दावे को सिरे से खारिज किया है। उनके अनुसार महारानी ताराबाई, छत्रपति शिवाजी महाराज की बहू और स्वराज्य के पहले सरसेनापति हंबीरराव मोहिते की पुत्री थीं। साथ ही वे छत्रपति राजाराम महाराज की पत्नी थीं और मराठा साम्राज्य की एक महत्वपूर्ण शासक के रूप में जानी जाती हैं। ऐसे में उन्हें जैन समुदाय से जोड़ना ऐतिहासिक तथ्यों के विपरीत है।