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महाराष्ट्र के 40 गांवों पर कर्नाटक का दावा, शिंदे-फडणवीस ने दिया करारा जवाब; जानें पूरा मामला

आज से सुप्रीम कोर्ट में महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद पर सुनवाई शुरू हो रही है। ऐसे में कर्नाटक के सीएम बासवराज बोम्मई ने सांगली के जत तालुका के 40 गांवों पर कर्नाटक का दावा किया है ,वहीं, शिंदे-फडणवीस सरकार ने इसका करारा जवाब दिया है।

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Basavaraj Bommai And Devendra Fadnavis

महाराष्ट्र और कर्नाटक सीमा विवाद काफी पुराना है। दरअसल दोनों राज्यों के कुछ ऐसे सीमावर्ती भाग हैं जिन पर दोनों ही राज्यों के अपने-अपने दावे हैं। महाराष्ट्र का कर्नाटक के कुछ क्ष्रेत्रों में मराठी भाषी लोगों की तादाद अधिक होने के आधार पर दावा कायम है। ऐसे ही कर्नाटक के सीएम बासवराज बोम्मई ने भी महाराष्ट्र के सांगली जिले के जत तालुका के 40 गांवों पर कन्नड़ भाषियों की तादाद अधिक होने की वजह से आज यह दावा किया कि वे कर्नाटक में शामिल होना चाहते हैं।

सीएम बासवराज बोम्मई के इस दावे पर महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इसका जोरदार जवाब दिया है। यह विवाद एक बार दोबारा गरमाने का कारण ये है कि आज से सुप्रीम कोर्ट में महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद पर सुनवाई शुरू हो रही है। ऐसे अवसर पर कर्नाटक के सीएम ने कहा कि महाराष्ट्र के जत तालुका के 40 गांवों के लोग कर्नाटक में शामिल होना चाहते हैं। हम उनकी मांग पर गंभीरता से विचार कर रहे है। इसके बाद महाराष्ट्र में इस पर हर पार्टी की तरफ से प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं। यह भी पढ़े: अकोला में 5 दिन में 30 कुत्तों को खाने में दिया जहर, अब तक 24 की हुई मौत

बता दें कि महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने आज शिरडी में साईं बाबा का दर्शन करने के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। जत तालुका के गांवों की मांग काफी पुरानी है। वहां पानी की कमी की काफी ज्यादा दिक्कत है। कल और परसों हमारी इस पर अहम बैठक हुई है। हम एक भी गांव महाराष्ट्र से कर्नाटक जाने नहीं देंगे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए, सेंट्रल गवर्नमेंट के सहयोग से बातचीत से मसला सुलझाएंगे।

शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत ने कहा कि कर्नाटक में बीजेपी की ही सरकार है, महाराष्ट्र में मिंधे गुट (कमजोर) की सरकार है जो बीजेपी के इशारे पर काम करती है। बीजेपी महाराष्ट्र को 4-5 टुकड़ों में बांटना चाहती है। बीजेपी के वरिष्ठ एटा सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि यह जवाहरलाल नेहरू की गलती है कि राज्य में सीमाओं को अतार्किक प्रकार से निर्धारित किया गया। अगर कर्नाटक सरकार महाराष्ट्र के 40 गांवों पर दावा कर रही है तो कर्नाटक में भी ऐसे सैकड़ों गांव हैं, जिन पर हमारा दावा है, यह उनको ध्यान में रखना चाहिए।

इस पूरे मामले पर डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने आज नागपुर में कहा कि सीमा विवाद के मुद्दे पर सीएम एकनाथ शिंदे ने कुछ दिनों पहले एक अहम बैठक हुई थी। इस बैठक में अहम फैसले लिए गए। सीमावर्ती भागों में रहने वाले लोगों का पूरा सहयोग करने की हमारी योजनाएं शुरू हैं। इसीलिए शायद कर्नाटक के सीएम ने यह बयान दिया है। महाराष्ट्र का एक भी गांव कहीं नहीं जाएगा। हम सुप्रीम कोर्ट में लड़ते हुए कर्नाटक से कारवार, बेलगाम, निपाणी सहित कई गांव वापस महाराष्ट्र में लेकर आएंगे।

देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा कि महाराष्ट्र के जत तालुका के गांवों ने साल 2012 में कर्नाटक जाने की इच्छा जताई थी। लेकिन यह बात बहुत पुरानी हो गई है। ग्रामीणों की शिकायत थी कि उन्हें पानी की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जब वे सीएम थे, तब उन्होंने कर्नाटक से बातचीत की थी। म्हैसाल की संशोधित योजना में इन गांवों को शामिल किया गया था। पिछले ढाई साल में उद्धव सरकार के समय इन योजना को कोई भी मान्यता नहीं दी गई। हो सकता है कोरोना के चलते फैसला नहीं लिया गया हो। अब इस योजना पर तेजी से काम चल रहा है। गांवों को पानी की सुविधा जल्दी ही उपलब्ध होगा। इसके लिए सेंट्रल गवर्नमेंट ने भी पैसे दिए हैं।