
Baba Maharaj Satarkar Death
Baba Maharaj Satarkar Demise: महाराष्ट्र के जाने-माने कीर्तनकार बाबा महाराज सातारकर (Baba Maharaj Satarkar Passed Away) ने आज (26 अक्टूबर) दुनिया को अलविदा कह दिया है। वरिष्ठ कीर्तनकार नीलकंठ ज्ञानेश्वर गोरे (Nilkanth Dnyaneshwar More) यानी बाबामहाराज सातारकर का नवी मुंबई में निधन हो गया। कीर्तन की अपनी अनूठी शैली से उन्होंने आध्यात्मिकता और भागवत संप्रदाय की विचार को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बाबा महाराज के निधन पर दुख जताया और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
जानकारी के मुताबिक, मशहूर कीर्तनकार बाबा महाराज सातारकर 89 साल के थे। उन्होंने मुंबई के करीब नेरुल में आखिरी सांस ली। वे दुनिया भर में वरिष्ठ कीर्तनकार के रूप में जाने जाते हैं। उनका कीर्तन महाराष्ट्र के गाँवों में सुना जाता है। महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में उन्हें लोग भगवान की तरह मानते है। यह भी पढ़े-Alibaug: सरकारी नौकरी पाने के लिए भाई ने की 2 बहनों की हत्या, दृश्यम फिल्म की तरह बनाया प्लान!
बाबा महाराज सातारकर ने नवी मुंबई के नेरुल में अपने गांव में आखिरी सांस ली। मालूम हो कि वह पिछले कुछ दिनों से उम्र संबंधित बिमारियों से पीड़ित थे। बाबामहाराज के निधन से खासकर वारकरी समुदाय में शोक की लहर दौड़ पड़ी है।
बाबा महाराज सातारकर के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार शुक्रवार (27 अक्टूबर) को शाम 5 बजे नेरुल में किया जाएगा। इस बीच, बाबा उनका पार्थिव शरीर आज दोपहर 3 बजे के बाद अंतिम दर्शन के लिए नेरुल जिमखाना के सामने विट्ठल रुक्मिणी मंदिर में रखा जाएगा।
बाबा महाराज सातारकर का जन्म 5 फरवरी 1936 को सतारा में हुआ था। उस समय उन्होंने 10वीं कक्षा तक की पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम से की थी। बाबामहाराज सातारकर के घर में सैकड़ों वर्षों से वारकरी संप्रदाय की परंपरा है। चूंकि काफी समय से बाबा महाराज सातारकर कीर्तन में खड़े नहीं हो पा रहे थे, इसलिए उनका पोता इस परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।
सीएम शिंदे ने दी श्रद्धांजलि-
Updated on:
26 Oct 2023 01:43 pm
Published on:
26 Oct 2023 01:41 pm
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