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Maharashtra: महायुति में सीट बंटवारे पर फंसा पेच! 22 पर शिंदे गुट का दावा, समझे सीटों का गणित

Lok Sabha Election 2024: बीजेपी ने महाराष्ट्र में 45 लोकसभा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Oct 17, 2023

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महायुति का सीट बंटवारें का फॉर्मूला तय

Mahayuti Seat Sharing: अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक पार्टियां अभी से ही कमर कस चुकी हैं। महाराष्ट्र में भी बैठकों का दौर जारी है। इस बीच, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 22 लोकसभा सीटों पर दावा ठोका है। शिवसेना चाहती है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के साथ गठबंधन में उसने जहां-जहां चुनाव लड़ा था, इस बार भी वैसा ही फॉर्मूला बने। हालांकि, शिंदे गुट के सिर्फ 13 सांसद ही बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ हैं। खबर है कि बीजेपी उन 13 सीटों को ही छोड़ने के मूड में है। चूंकि एनसीपी का अजित पवार गुट भी अब शिवसेना-बीजेपी ‘महायुति’ का हिस्सा है, इसलिए सीट शेयरिंग का पेंच फंस सकता है।

बीजेपी-शिवसेना को कुछ लोकसभा सीटें अजित दादा के लिए भी छोड़नी पड़ेंगी। ऐसे में बीजेपी शिंदे खेमे को मनाने की पूरी कोशिश करेगी। ऐसे में ‘महायुति’ में सीट बंटवारे का मुद्दा काफी अहम रहने वाला है। खबर है कि पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी के साथ रहते हुए शिवसेना ने जिन 22 सीटों पर चुनाव लड़ा था, इस बार भी उन पर चुनाव लड़ने की तैयारी में जुट गयी है। यह भी पढ़े-Shiv Sena: स्पीकर चुनाव आयोग नहीं, जो हर साक्ष्य जांचे… सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, दिया आखिरी मौका


क्या है शिंदे गुट की मांग?

सोमवार को वर्षा बंगले पर शिवसेना सांसदों की बैठक हुई। इस दौरान सीएम शिंदे ने सांसदों के साथ चुनावी रणनीति, प्रचार अभियान और निर्वाचन क्षेत्रों में लंबित मुद्दों पर चर्चा की है। फिलहाल 13 शिवसेना सांसद शिंदे के साथ हैं। जबकि चार लोकसभा सांसद उद्धव ठाकरे के साथ है।

बैठक के बाद राहुल शेवाले ने कहा कि शिवसेना 22 लोकसभा सीटों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि बाकी सीटों पर बीजेपी और एनसीपी से चर्चा के बाद फैसला लिया गया।

22-126 का फॉर्मूला

इससे पहले शिवसेना सांसद गजानन कीर्तिकर ने स्पष्ट कहा था कि वह उत्तर-पश्चिम मुंबई लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। कीर्तिकर ने लोकसभा की 22 और विधानसभा की 126 सीटों पर चुनाव लड़ने का फॉर्मूला बताया था। उन्होंने सहयोगी दलों से 22 लोकसभा सीटें छोड़ने की भी मांग की।

'छोटे भाई' की भूमिका में कौन?

वहीँ, महाराष्ट्र में बीजेपी के पास फिलहाल 23 सांसद हैं। इसलिए बीजेपी के इससे कम सीटों पर चुनाव लड़के की कोई संभावना नजर नहीं आती है। इसके अलावा, अजित पवार गुट के साथ एनसीपी के चार में से एकमात्र सांसद सुनील तटकरे ही हैं। लेकिन कहा जा रहा है कि अजित दादा भी छह से सात लोकसभा सीटें अपने खेमे के लिए चाहते हैं।

यदि शिवसेना 48 में से 22 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, तो 26 सीटों पर बीजेपी और अजित पवार की एनसीपी को मिलकर चुनाव लड़ना होगा। लेकिन बीजेपी किसी भी हालत में शिंदे गुट से कम सीटों पर चुनाव लड़कर 'छोटे भाई' की भूमिका नहीं स्वीकार करेगी। इसलिए बीजेपी कम से कम 22-23 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और अजित गुट को 3-4 सीटों पर मौका मिल सकता हैं।

इसके अलावा एनडीए में शामिल अन्य सहयोगी दल भी अगर सीट छोड़ने की मांग करते हैं तो महायुति में सीट बंटवारे का मुद्दा सिरदर्द बन सकता है। अन्यथा 22 सीटों की मांग कर रहे शिंदे को अपने कोटे की सीटें अन्य सहयोगियों के लिए छोड़नी होगी।

बीजेपी के लिए महाराष्ट्र बेहद अहम

बीजेपी ने महाराष्ट्र की 45 लोकसभा सीटों पर जीत का परचम फहराने का लक्ष्य रखा है। दरअसल उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र में सबसे अधिक 48 लोकसभा सीटें हैं। वहीँ, उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटें हैं। इसलिए ये दोनों राज्य बीजेपी के लिए बेहद अहम हैं। इसके लिए खास रणनीति भी बनाई गई है।

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