
maha election : लोढ़ा के प्रति पुरोहित समर्थकों में नाराजगी
मुंबई। देश विदेश में राजस्थानी और प्रवासी समाज के नेता व् पूर्व मंत्री राज के पुरोहित को टिकट नहीं मिलने से व्यापारी वर्ग में खासा नाराजगी देखने को मिल रही है। सोशियल मीडिया पर भड़के भाजपा समर्थक पुरोहित के कार्यलय के सामने हजारों की संख्या में जमा है। कुलाबा विधानसभा में किसी प्रकार की तोड़फोड़ और उनके समर्थकों के उग्र होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दिया है। लगभग दो सौ पुलिस कर्मी पुरोहित कर कार्यालय के सामने पहरा दे रहे हैं।
भाजपा समर्थकों ने पार्टी आलाकमान पर जमकर भड़ास निकाली। किसी ने मुम्बई भाजपा के अध्यक्ष मंगल प्रभात लोढा को तो किसी ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह पर कटाक्ष किया। तो किसी ने चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव को निशाने पर लिया।
पुरोहित का टिकट कटने की खबर के साथ ही मुंबई, महाराष्ट्र, गुजरात,कर्नाटक,दिल्ली,आंध्रा प्रदेश, तमिलनाडु और राजस्थान में भाजपा समर्थकों ने दुःख व्यक्त कर भाजपा नेतृत्व की कड़ी आलोचना की।
मुंबई शहर में नगरसेवक से लगातार 5 बार विधायक और मुम्बई भाजपा अध्यक्ष पद तक पहुँचने वाले राज पुरोहित दिवंगत भाजपा नेता गोपीनाथ मूंदे के करीबी हैं। वर्ष 2014 में भी यही स्थिति थी लेकिन ओम प्रकाश माथुर के चुनाव प्रभारी रहते हुए प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने पुरोहित के टिकट मामले में किसी भी तरह की छेड़खानी नहीं करने का साफ निर्देश दिया था।पिछली बार अपने मिशन में अफ़सल हुए पुरोहित के विरोधियों ने आखिर सफल हो गए।
छत्रपति शिवजी महाराज के वंशजों के दामाद है नार्वेकर
कोलाबा सीट से भाजपा के वरिष्ठनेता राज पुरोहित का टिकट काटकर जिस नार्वेकर को दिया गया है वे छत्रपति शिवजी महाराज के वंसज के दामाद है। शिवजी महाराज के खानदान से सम्बंधित राज्य के विधानपरिषद में सभापति रामराजे निम्बालकर के परिवार से बेटी नार्वेकर के साथ व्यहि गई है। अब उदयनराजे के आने के साथ ही नार्वेकर को टिकट देने के प्रस्ताव पर भाजपा ने मुहर लगाया था।
मराठा समाज में अपनी पहुंच बनाने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नार्वेकर को भाजपा में लाया था। सूत्रों की माने फडणवीस ने ही नार्वेकर को त्यक्त दिलाने में पूरा मदद किया है। एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार को मात देने के लिए सारे मराठा नेताओं को अपनी ओर खींचने के लिए नार्वेकर को टिकट दिया गया हैं। और पुरोहित का टिकट कट गया। उनके समर्थकों की माने तो मुंबई भाजपा की तरफ से केंद्रीय चुनाव समिति में पुरोहित का नाम नहीं भेजा गया था। पुरोहित के धुर राजनीतिक विरोधी मंगलप्रभात लोढा ने पुरोहित की पैरवी करने की बजाय अपने पुराने दोस्त राहुल नार्वेकर के पक्ष में दिखे। और पिछले 25 साल से लोढा और पुरोहित के बीच चल रहे शीत युद का अंत लोढ़ा ने इस प्रकार किया है
Updated on:
06 Oct 2019 06:52 pm
Published on:
06 Oct 2019 06:46 pm
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