
Honey Trehan Shares Shocking Casting Experience (सोर्स इंस्टाग्राम- honeytrehan)
Honey Trehan Shares Shocking Casting Experience: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में रचनात्मक स्वतंत्रता को लेकर बहस कोई नई नहीं है, लेकिन कास्टिंग डायरेक्टर और फिल्ममेकर हनी त्रेहान के हालिया बयान ने एक बार फिर इस मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। त्रेहान ने अपने करियर से जुड़ा एक ऐसा अनुभव साझा किया है, जिसने ये दिखा दिया कि कई बार फिल्में स्क्रिप्ट या बजट की वजह से नहीं, बल्कि सोच और डर की वजह से अधर में लटक जाती हैं।
हनी त्रेहान ने 'स्कीन' से बातचीत में बताया कि वो एक ऐसे फिल्म प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे, जिसे आगे बढ़ने से पहले ही रोक दिया गया। वजह यह थी कि उन्हें साफ तौर पर ये कह दिया गया कि अगर फिल्म में किसी 'मुस्लिम सुपरस्टार' को लिया भी जाए, तो उसका किरदार हर हाल में हिंदू ही होना चाहिए। ये शर्त सुनते ही त्रेहान को एहसास हो गया कि जिस कहानी को वह पर्दे पर लाना चाहते हैं, उसकी आत्मा ही बदल दी जा रही है। नतीजा यह हुआ कि वह प्रोजेक्ट वहीं रुक गया।
करीब डेढ़ दशक से कास्टिंग और सिनेमा से जुड़े हनी त्रेहान का कहना है कि इस तरह की बातें अक्सर लिखित तौर पर नहीं कही जातीं, बल्कि इशारों या अनौपचारिक बातचीत में सामने आती हैं। लेकिन इनका असर इतना गहरा होता है कि फिल्म की दिशा और पहचान ही बदल जाती है। उनके मुताबिक, यह फैसले कला या दर्शकों की समझ को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि संभावित विवाद और असहजता के डर से लिए जाते हैं।
त्रेहान ने यह भी कहा कि ऐसी सोच आखिरकार सिनेमा का नुकसान करती है। जब किसी किरदार की पहचान को सिर्फ इसलिए बदला जाए कि वह सुरक्षित लगे, तो कहानी की सच्चाई और गहराई खत्म हो जाती है। दर्शक आज पहले से ज्यादा समझदार हैं और वो बनावटी बदलावों को आसानी से पहचान लेते हैं। यही वजह है कि कई फिल्में भावनात्मक जुड़ाव बनाने में असफल रहती हैं।
हालांकि हनी त्रेहान ने न तो उस अभिनेता का नाम लिया और न ही उस फिल्म का जिक्र किया, लेकिन उन्होंने माना कि इस अनुभव ने उन्हें अंदर तक प्रभावित किया। इसी अनुभव ने उन्हें यह फैसला लेने पर मजबूर किया कि वो भविष्य में अपने काम में समझौता नहीं करेंगे।
Updated on:
20 Jan 2026 01:49 pm
Published on:
20 Jan 2026 01:40 pm
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