
maha politics :शिवसेना ही तय करे महाराष्ट्र में सरकार किसकी बनेगी
मुंबई। राज्य में सरकार स्थापना को लेकर ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि भाजपा -शिवसेना के तनातनी के बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के मुलाकात के बाद सस्पेंस समाप्त हो जायेगा , लेकिन पवार ने गेंद शिवसेना के पाले में दाल दी है। पवार ने कहा कि शिवसेना की तरफ से सरकार बनाने के लिए अब तक कोई प्रस्ताव एनसीपी -कांग्रेस को नहीं मिला है। शिवसेना की तरफ से अबतक कोई नहीं आया है।जबतक प्रस्ताव नहीं मिलता है तबतक शिवसेना के सरकार बनाने में समर्थन पर विचार भी नहीं किया जा सकता है। सोमवार को दिल्ली में 10 जनपथ पर सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद पवार ने कहा कि कांग्रेस -एनसीपी राज्य में भाजपा के खिलाफ स्ट्रांग लाइन में रही है। जिसके खिलाफ हमने चुनाव लड़ा है उनके समर्थन में हम कैसे जा सकते हैं। लेकिन शिवसेना के लिए उनकी यह लाइन नहीं थी। पवार यहाँ सोनिया गांधी से राज्य के ताजा हालत और कांग्रेस -एनसीपी के विस्तार पर चर्चा किया।
फडणवीस हो या लोढ़ा, जानिए किसके पास कितनी संपत्ति
पवार ने कहा कि हमें जो जनादेश मिला है वह विपक्ष में बैठने के लिए। सत्ता में आने के लिए जो नंबर चाहिए। वह भाजपा -शिवसेना को मिला है। सरकार बनाने की जिम्मेदारी उनके पास हैं। राज्य में किसानो की समस्या को विकट संकट बताते हुए पवार ने कहा कि राज्य इस समय आपदा से गुजर रहा है। जिसे राज्य की जनता ने महाजनादेश दिया है उन्हें आगे आकर लोगों के लिए काम करना चाहिए। लोगों की मदद की आवश्यकता है।
शिवसेना और भाजपा की आपसी जंग के सवाल पर पवार ने कहा कि शिवसेना को सरकार की लीडरशिप चाहिए। राज्य की ताजा स्थिति को देखकर ऐसा ही लगता है। लेकिन भाजपा शिवसेना को कितना महत्त्व देती है यह उनका विषय है।
सोनिया गांधी के साथ राज्य में दोनों कांग्रेस को बढ़ाने के मुद्दे पर चर्चा हुई है। इसके आलावा भी हमने कई मुद्दों पर बात की है। कांग्रेस के विकास के लिए क्या किया जा सकता है। इस घडी में कौन से महत्वपूर्ण कदम उठाये जा सकते हैं इन तमाम विषयों पर सोनिया गांधी के साथ बात चीत हुई।
Published on:
04 Nov 2019 07:44 pm
