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महाराष्ट्र: KCR ने बिगाड़ा बीजेपी का सियासी गणित, 50 गांवों के सरपंच और उपसरपंच BRS में शामिल

BRS Vs BJP in Solapur: बीजेपी विधायक सुभाष देशमुख के विधानसभा क्षेत्र के सरपंच और नेता भी बीआरएस पार्टी में शामिल हो रहे है, जिससे बीजेपी को जबरदस्त झटका लगा है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Aug 08, 2023

Devendra Fadnavis and KCR

महाराष्ट्र में बीजेपी को बड़ा झटका, 50 गांवों के सरपंच KCR के साथ

Maharashtra Politics: भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के प्रमुख व तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) का महाराष्ट्र में वर्चस्व बढ़ता जा रहा है। जिससे राज्य में राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। इस बीच, बीजेपी की टेंशन भी बढ़ती जा रही है। दरअसल केसीआर की एंट्री से सोलापुर रीजन में सियासी हलचल काफी बढ़ गई है। शहर के पूर्वी हिस्से, उत्तरी सोलापुर निर्वाचन क्षेत्र के बाद केसीआर ने अब दक्षिण सोलापुर तालुका पर ध्यान केंद्रित किया है।

दक्षिण सोलापुर तालुका में धनगर समुदाय का दबदबा है। इसलिए केसीआर ने धनगर समुदाय के नेताओं को हैदराबाद आने का निमंत्रण दिया। जिसके बाद दक्षिण सोलापुर तालुक से सचिन सोनटक्के लगभग 60 वाहनों के काफिले और दक्षिण सोलापुर तालुक के विभिन्न गांवों के सरपंचों सहित कुल 350 लोगों के साथ हैदराबाद गए और बीआरएस पार्टी में शामिल हुए। यह भी पढ़े-शरद पवार ने भतीजे अजित की बढ़ाई टेंशन, चुनाव आयोग से कहा- NCP में कोई फूट नहीं...


गुलाबी आंधी से बिगड़ेगा BJP का सियासी गणित!

इसमें दक्षिण सोलापुर तालुका के 38 गांवों के वर्तमान सरपंच, 12 पूर्व सरपंच, 12 ग्राम पंचायत सदस्य बीआरएस में शामिल हुए हैं। खास बात यह है कि बीजेपी विधायक सुभाष देशमुख के विधानसभा क्षेत्र के सरपंच और नेता भी बीआरएस पार्टी में शामिल हो गए, जिससे बीजेपी को जबरदस्त झटका लगा है।

पंढरपुर से भगीरथ भालके के बीआरएस में जाने से सोलापुर जिले के ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक माहौल में बड़ा बदलाव आया है। शहर के पद्मशाली समुदाय ने केसीआर को समर्थन दिया है। अब केसीआर की गुलाबी आंधी बीजेपी विधायक सुभाष देशमुख के विधानसभा क्षेत्र में चल रही है। विभिन्न गांवों के सरपंचों और कार्यकर्ताओं समेत कुल 350 लोग 60 कारों के काफिले में हैदराबाद गए और बीआरएस का दामन थामा।


BRS कर रही सभी चुनावों को लड़ने की तैयारी

सचिन सोनटक्के ने बताया कि बीआरएस पार्टी भविष्य में सोलापुर में होने वाले सभी चुनाव लड़ेगी। दक्षिण सोलापुर तालुका में किसान और मतदाता मौजूदा बीजेपी विधायक से तंग आ चुके हैं। सोनटक्के ने कहा कि बीआरएस किसानों की हितैषी पार्टी है। ग्राम पंचायत, जिला परिषद, नगर निगम, विधानसभा, लोकसभा सभी चुनावों में बीआरएस पूरी ताकत से उतरेगी।

धनगर समुदाय के नेता सचिन सोनटक्के ने आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बीआरएस के लिए प्रचार भी शुरू कर दिया है। सोनटक्के बीजेपी से सोलापुर महानगरपालिका चुनाव भी लड़ चुके है। बहरहाल, यह तय है कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी को कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी, क्योंकि बीजेपी के निर्वाचन क्षेत्र के गांव बीआरएस पार्टी के समर्थन में होते जा रहे हैं।

मालूम हो कि सीएम केसीआर की बीआरएस अगले साल होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में अपनी पैठ बनाने की कोशिश में जुटी हैं। महाराष्ट्र में बीआरएस का जन-आधार बढ़ना न केवल सत्ताधारी शिवसेना (एकनाथ शिंदे) और बीजेपी बल्कि महाविकास आघाडी गठबंधन के दलों- एनसीपी (शरद पवार), कांग्रेस और उद्धव गुट के लिए भी सिरदर्द बना हुआ है।