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मर्डर के आरोप में पिता-भाई गए जेल, अचानक जिंदा लौटी बेटी! तो फिर जंगल में मिली वो लाश किसकी थी?

Buldhana Murder Case Mystery: महाराष्ट्र के बुलढाणा में मृत घोषित की गई लड़की अचानक जिंदा लौट आई, जिसके बाद उसकी हत्या के आरोप में जेल में बंद उसके पिता और भाई को रिहा कर दिया गया है।
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मुंबई

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Pooja Gite

Jun 01, 2026

सांकेतिक इमेज

सांकेतिक इमेज-पत्रिका

Maharashtra Buldhana Murde: महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है। जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। हत्या के एक मामले में नया मोड़ तब आया जब मृत महिला अचानक सामने आ गई। लड़की अपने पिता-भाई को जेल से रिहा करवाने थाने पहुंची तो सभी उसको जिंदा देखकर दंग रह गया। जबकि लड़की की हत्या के आरोप के मामले में ही उसके पिता और भाई को जेल में बंद किया गया था। हालांकि लड़की को जिंदा देख भाई और पिता को रिहा कर दिया है। लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ यहां आ गया कि जिस लड़की की जली हुई लाश जंगल से पुलिस को मिली वो किसकी थी?

दो हिस्सों में मिली लाश

इस मामले को ज्यादा दिन नहीं हुए हैं, जब पुलिस ने बुलढाणा जिले के एक जंगल से एक कुछ हद तक जले शव को बरामद किया था। यह शव दो हिस्सों में कटा हुआ था। जांचकर्ताओं ने शुरुआत में ही मृतक महिला के शव को शिवानी मान लिया था, क्योंकि कुछ दिनों पहले ही शिवानी नाम की महिला लापता हुई थी।

पुलिस के सामने आई शिवानी

पुलिस ने शिवानी के मर्डर के आरोप में उसके पिता बापूराव नत्थू कालमेकर और उसके भाई पर केस दर्ज कर लिया था। दोनों को गिरफ्तार करके जेल भी भेज दिया गया और कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में रख दिया गया। लेकिन इस पूरे मामले में एक बहुत बड़ा मोड़ तब आया, जब खुद शिवानी अचानक पुलिस के सामने आ खड़ी हुई और उसने बताया कि वह तो जिंदा है।

घर से बार-बार भाग जाती थी बेटी

शिवानी ने अपने पिता और भाई को रिहा कर देने की बात कही थी, जिन्हें अपनी ही बेटी की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसके पेश होने और बयान के बाद, अदालत ने उनकी रिहाई का आदेश दे दिया। जेल से बाहर आने के बाद, शिवानी के पिता से पूछा गया कि उन्होंने हत्या न करने के बावजूद उसका इकबाल क्यों किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने गुस्से में आकर यह बयान दिया था, क्योंकि उनकी बेटी बार-बार घर से भाग जाती थी।

प्रेमी संग भाग गई थी शिवानी

जानकारी के मुताबिक, शिवानी का किसी लड़के के साथ अफेयर था। उसके घरवाले इस रिश्ते को नहीं मानते थे। कुछ दिन बाद ही शिवानी उस लड़के के साथ भाग गई थी। परिवार ने उसके गुमशुदा होने की शिकायत भी करवाई थी। बाद में पुलिस ने लाश बरामद करके उसे शिवानी का बताकर उसके पिता और भाई को जेल भेज दिया। वहीं शिवानी को जब यह पता चला तो उससे रहा नहीं गया और वह पुलिस के सामने पेश हो गई।

किससे हुई है गड़बड़ी

बापूराव का कहना है कि पुलिस ने उन पर जुर्म कबूल करने के लिए कोई दबाव नहीं बनाया था और न ही कोई जबरदस्ती की थी। उन्होंने खुद ही अपनी बेटी की हरकतों से तंग आकर मर्डर की बात अपने सिर ले ली थी। अब बापूराव के इस बयान के बाद पुलिस की जांच पर बड़े सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बिना यह पुष्टि किए कि लाश किसकी है, पुलिस ने इतनी आसानी से उनका गुनाह कैसे मान लिया?

पुलिसवालों पर हुआ एक्शन

इस पूरे मामले के बाद लापरवाही बरतने वाले पुलिसवालों पर भी गाज गिरी है। बुलढाणा के पुलिस कप्तान SP नीलेश तांबे ने इस मामले में ढिलाई बरतने के आरोप में दो बड़े अफसरों और चार पुलिसकर्मियों को हटाकर हेडक्वार्टर भेज दिया। जिन पुलिसवालों पर यह कार्रवाई हुई है, उनमें लोकल क्राइम ब्रांच के अफसर सुनील अंबुलकर, जलगांव जामोद थाने के इंचार्ज नितिन पाटिल, सब-इंस्पेक्टर पंकज सपकाले और तीन अन्य कर्मचारी शामिल हैं।

तो फिर जंगल में मिली लाश किसकी थी?

भले ही शिवानी के पिता और भाई जेल से छूट गए हैं, लेकिन इस केस का सस्पेंस अभी भी बना हुआ है। जंगल में जिस महिला की लाश मिली थी, उसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे पता लगाएं कि आखिर वह मरी हुई महिला कौन थी और उसे किसने मारा था। पुलिस का कहना है कि छानबीन अभी जारी है और पूरे मामले की नए सिरे से जांच की जा रही है।

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