
Chandrakant Patil
महाराष्ट्र में कैबिनेट का विस्तार हो गया है। राज्य के सीएम पद की शपथ लेने के 41 दिन बाद एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को अपने दो सदस्यीय मंत्रिमंडल का विस्तार किया है। महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल दूसरी बार राज्य में मंत्री बने हैं। साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले चंद्रकांत पाटिल इससे पहले 2014-19 के दौरान राजस्व और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मंत्री रह चुके हैं। इससे पहले दो दो बार विधान पार्षद भी रहे चुके है। पहली बार पश्चिमी महाराष्ट्र से विधायक बने चंद्रकांत पाटिल को मंगलवार को एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली महाराष्ट्र सरकार में मंत्री के तौर पर शामिल किया गया है।
मुंबई जैसे बड़े शहर में चाय बेचकर गुजर-बसर करने वाले परिवार में पैदा हुए महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने एबीवीपी में जगह बनाने से पहले कॉलेज के दिनों में संघर्ष किया। उन्होंने 1990 में श्रीनगर में तिरंगा लहराने के लिए एबीवीपी के चलो कश्मीर अभियान का भी नेतृत्व कर चुके है। यह भी पढ़ें: Mumbai: राखी बंधवाने के लिए शख्स ने लिया सोशल मीडिया का सहारा, Tinder पर बनाई दो बहनें; वायरल हुआ पोस्ट
2014 में बनाए गए थे मंत्री: बता दें कि साल 2005 में चंद्रकांत पाटिल बीजेपी में शामिल हुए और उन्हें पार्टी की महाराष्ट्र इकाई का सचिव नियुक्त किया गया। वह 2008 और 2014 में पुणे स्नातक चुनाव क्षेत्र से विधान पार्षद का चुनाव जीते। इसके बाद साल 2014 में जब बीजेपी महाराष्ट्र में सत्ता में आई तो चंद्रकांत पाटिल को कैबिनेट में जगह मिली। पाटिल के पास राजस्व, कपड़ा, लोक निर्माण विभाग, सहकारिता और वाणिज्य विभाग का प्रभार रहा।
पुणे से पाटिल ने लड़ा था चुनाव: 2019 में चंद्रकांत पाटिल ने विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया। इसके बाद बीजेपी ने पाटिल को पुणे शहर से पार्टी की तत्कालीन विधायक मेधा कुलकर्णी की जगह उम्मीदवार चुना। पाटिल का ताल्लुक कोल्हापुर जिले से है, लेकिन वह वहां से कभी चुनाव नहीं लड़े। एबीवीपी में रहने के दौरान ही वह बीजेपी के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संपर्क में आए।
आपको बता दें कि महाराष्ट्र में आज एकनाथ शिंदे की कैबिनेट का विस्तार हुआ। 18 विधायकों ने राजभवन में मंत्रिपद की शपथ ली। इनमें 9 मंत्री बीजेपी और 9 मंत्री एकनाथ शिंदे गुट के हैं। महाराष्ट्र में सत्ता पलटने के बाद 30 जून को एकनाथ शिंदे ने सीएम पद की और देवेंद्र फडणवीस ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी। हालांकि, सरकार गठन के 40 दिन बाद यह पहला मंत्रिमंडल विस्तार है। पिछले महीने चंद्रकांत पाटिल ने कहा था कि पार्टी ने ‘‘भारी मन’’ से फडणवीस के बजाय शिंदे को सीएम बनाने का फैसला लिया। हालांकि, बाद में बीजेपी नेता आशीष सेलार ने कहा था कि यह न तो पाटिल का अपना रुख है और न ही पार्टी का रुख है और वह केवल सामान्य कार्यकर्ताओं की भावनाओं को अभिव्यक्त कर रहे थे।
Updated on:
09 Aug 2022 06:02 pm
Published on:
09 Aug 2022 06:01 pm
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