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Maharashtra: सीएम शिंदे के सरकारी बंगले ‘वर्षा’ का 4 महीने का खानपान का बिल 2.38 करोड़ रुपये!

Maharashtra Politics: अजित पवार ने कहा, महंगाई बढ़ रही है, जिससे किसानों की उत्पादन लागत बढ़ गई है। इसके अलावा, कृषि उपज का भी बाजार में अच्छी कीमत नहीं मिल रही है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Feb 26, 2023

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मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

Maharashtra Budget Session: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के सरकारी आवास 'वर्षा' बंगले का चार महीने का खानपान का खर्च 2 करोड़ 38 लाख रुपए होने की खबर से है। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन रिपोर्ट्स को आधार बनाकर विपक्ष सीएम एकनाथ शिंदे पर हमलावर हो गया है। राज्य के नेता प्रतिपक्ष अजित पवार ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि 'वर्षा' बंगले में क्या चाय में सोने का पानी डाला जाता है क्या?

मीडिया से बात करते हुए हमने रांकपा (NCP) नेता अजित पवार ने कहा, उपमुख्यमंत्री के रूप में मैंने भी काम किया है। मेरे कई करीबी सहयोगी मुख्यमंत्री रहे, लेकिन उनके शासन काल में ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला। उन्होंने शिंदे के कार्यों पर नाराजगी जताई। यह भी पढ़े-Dombivli: 10 करोड़ रुपये का लोन देने के नाम पर डॉक्टर समेत 4 लोगों से एक करोड़ की ठगी

महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र (Maharashtra Budget Session) सोमवार यानी 27 फरवरी से शुरू हो रहा है। यह सत्र 25 मार्च तक चलेगा। बजट सत्र की पूर्व संध्या पर विपक्षी दलों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शिंदे-फडणवीस सरकार को आड़े हाथों लिया।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता अजित पवार ने रविवार को एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली महाराष्ट्र सरकार पर आम लोगों और किसानों के सामने आने वाले प्रमुख मुद्दों की अनदेखी करते हुए फिजूलखर्ची करने का आरोप लगाया।

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा "राज्य सरकार आम आदमी की समस्याओं को हल करने के बजाय, अपने मुस्कुराते हुए चेहरों को दिखाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। हमने हाई-टी के निमंत्रण का बहिष्कार करने का फैसला किया है। इसके बजाय, हम महाराष्ट्र के नए राज्यपाल रमेश बैस (Ramesh Bais) से मिलेंगे और हमारी चिंताओं से उन्हें अवगत कराएंगे।"

उन्होंने कहा, "राज्य सरकार ने पिछले कुछ महीनों में विभिन्न उद्देश्यों के लिए सहायता की घोषणा की, लेकिन यह अभी तक प्रभावित लोगों या योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंची ही नहीं है। मुझे इसका पता हाल ही में पूरे महाराष्ट्र में दौरे के समय चला।"

पवार ने कहा, महंगाई बढ़ रही है, जिससे किसानों की उत्पादन लागत बढ़ गई है। इसके अलावा, कृषि उपज का भी बाजार में अच्छी कीमत नहीं मिल रही है।