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Maharashtra: राज्यपाल ने निकाला सियासी संकट का समाधान, विधान परिषद चुनाव पर फैसला आज

महाराष्ट्र में सियासी संकट का समाधान राज्यपाल (Governor) भगत सिंह कोश्यारी ने लगभग निकाल लिया है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thakeray) को मनोनीत करने के बजाय राज्यपाल ने विधान परिषद की खाली नौ सीटों पर चुनाव कराने का अनुरोध चुनाव आयोग से किया है। खास यह कि चुनाव आयोग (Election Commission) की आज बैठक होगी, जिसमें महाराष्ट्र में विधान परिषद चुुनाव कराने पर फैसला हो सकता है।

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Maharashtra: राज्यपाल ने निकाला सियासी संकट का समाधान, विधान परिषद चुनाव पर फैसला आज

Maharashtra: राज्यपाल ने निकाला सियासी संकट का समाधान, विधान परिषद चुनाव पर फैसला आज

मुंबई. कोरोना के खिलाफ जारी लड़ाई के बीच राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने महाराष्ट्र (Maharashtra) में संभावित सियासी संकट का समाधान लगभग निकाल लिया है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को विधान मंडल के उच्च सदन में मनोनीत करने के बजाय राज्यपाल ने राज्य में विधान परिषद की खाली 9 सीटों पर चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखी है। खास यह कि गुुरुवार को चुनाव आयोग की बैठक बुलाई गई है, जिसमें महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनाव बाबत फैसला हो सकता है। चुनाव आयोग (EC) की बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) सुनील अरोड़ा भी वीडियो क्रांफ्रेंसिंग के जरिए शामिल होंगे। राज्य के सत्ताधारी गठबंधन में शामिल शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के नेताओं की नजरें अब चुनाव आयोग के फैसले पर टिकी हैं।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे विधान मंडल के दोनों सदनों में से किसी के भी सदस्य नहीं हैं। नियमानुसार शपथ लेने के छह महीने के भीतर उन्हें विधान सभा या विधान परिषद में से किसी एक सदन का सदस्य बनना होगा। 28 मई से पहले यदि विधान मंडल के किसी सदन के सदस्य नहीं बने तो उद्धव को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है।

जब फंसा सियासी पेच, तब राज्यपाल के पाले में आई गेंद
कोरोना संकट के बीच चुनाव आयोग ने विधान परिषद सहित सभी चुनावों को स्थगित कर दिया। इसके बाद जैसे-जैसे तारीख बढ़ी, सत्ताधारी गठबंधन में शामिल दलों की धड़कन तेज होती गई। कोई रास्ता नहीं सूझा तब राज्य मंत्रिमंडल ने राज्यपाल के पास सिफारिश भेजी कि राज्यपाल कोटे की रिक्त दो सीटों में से एक पर उद्धव को मनोनीत करें। राज्यपाल की तरफ से जब कोई जवाब नहीं मिला तब कैबिनेट ने दूसरी बार यही सिफारिश की। इस पर राजनीति भी खूब हुई। राजभवन की भूमिका पर सवाल उठाए गए। लेकिन, राज्यपाल का मौन नहीं टूटा।

पीएम मोदी से उद्धव ठाकरे ने बातचीत की
राजभवन की चुप्पी के बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। इसके बाद गुुरुवार को कैबिनेट मंत्री एकनाथ शिंदे और मुख्यमंत्री के निजी सचिव मिलिंद नार्वेकर राजभवन पहुंचे। दोनों नेताओं की राज्यपाल के साथ तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई। विधान परिषद में उद्धव के मनोनयन से जुड़े कानूनी पहलुओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसके बाद राज्यपाल ने चुनाव आयोग को विधान परिषद की खाली सीटों के लिए चुनाव कराने की चिट्ठी लिख कर राजनीति के धुरंधरों को चित कर दिया। क्योंकि जो रास्ता उन्होंने चुना, उस बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था।