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महाराष्ट्र में बिजली कर्मियों की हड़ताल से होगी बत्ती गुल? 86 हजार कर्मचारी 72 घंटे तक नहीं करेंगे काम

Mahavitaran Strike: महाराष्ट्र की तीन सरकारी विद्युत कंपनियों की यूनियन ने हड़ताल का आह्वान किया है। यूनियनों ने इन कंपनियों के निजीकरण का विरोध करते हुए बुधवार से 72 घंटे की हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jan 03, 2023

Maharashtra Power Companies Employees Strike Tomorrow

महाराष्ट्र में बिजली कंपनियों के कर्मचारियों की हड़ताल

Maharashtra Power Companies Employees Strike: महाराष्ट्र की जनता को आगामी दिनों में बिजली गुल होने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, राज्य के तीन सरकारी विद्युत कंपनियों के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई है और हड़ताल का ऐलान किया है। बिजली कर्मियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि, अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो सभी बुधवार से हड़ताल पर चले जाएंगे।

जानकारी के मुताबिक, राज्य की तीन सरकारी विद्युत कंपनियों की यूनियन ने हड़ताल का आह्वान किया है। यूनियनों ने इन कंपनियों के निजीकरण का विरोध करते हुए बुधवार से 72 घंटे की हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। जिस वजह से प्रशासन के हाथ-पांव अभी से फूलने लगे है। यह भी पढ़े-महाराष्ट्र में 7000 हजार रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल, सरकारी अस्पतालों में ओपीडी-आईपीडी सेवाएं ठप


बिजली कंपनियों के निजीकरण का विरोध

महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (महावितरण), महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (महापारेषण) और महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी जनरेशन कंपनी लिमिटेड (महानिर्मिती) राज्य के स्वामित्व वाली बिजली कंपनियां हैं।

एक अधिकारी मंगलवार को बताया कि विद्युत कंपनियों की कार्य समिति महाराष्ट्र राज्य कर्मचारी, अधिकारी एवं अभियंता संघर्ष समिति ने हड़ताल बुलाया है। यूनियनो ने मांग की है कि सरकार जल्द से जल्द सरकारी बिजली कंपनियों के निजीकरण का फैसला वापस ले।

महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी वर्कर्स फेडरेशन के महासचिव कृष्ण भोईर ने कहा, ‘‘चालकों, वायरमैन, अभियंताओं और अन्य कर्मचारियों की 30 से अधिक यूनियन सरकारी विद्युत कंपनियों के निजीकरण के प्रयास को विफल करने के लिए एकसाथ आये हैं।’’

86000 कर्मचारी हड़ताल में होंगे शामिल

उन्होंने कहा कि इन कंपनियों के कर्मचारी पिछले दो-तीन सप्ताह से आंदोलन कर रहे हैं, जबकि सोमवार को 15 हजार कर्मचारियों ने ठाणे कलेक्टर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। भोईर ने कहा, "तीन बिजली कंपनियों के लगभग 86,000 कर्मचारी, अधिकारी और इंजीनियर, 42 हजार संविदा कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड निजीकरण के विरोध में बुधवार से 72 घंटे की हड़ताल पर जाएंगे।"

आम आदमी पार्टी ने लगाये बड़े आरोप

बता दें कि आम आदमी पार्टी (आप) ने सोमवार को महाराष्ट्र सरकार पर राज्य द्वारा संचालित बिजली वितरण कंपनी महावितरण (Mahavitaran) को अडानी समूह (Adani Group) को सौंपने की साजिश रचने का आरोप लगाया। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप ने मुंबई, ठाणे, नासिक, रायगढ़ और राज्य के अन्य जिलों में सरकारी बिजली कंपनियों के कर्मचारियों के प्रस्तावित हड़ताल का संमर्थन किया है।

मुंबई इकाई की अध्यक्ष और आप की राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य प्रीति शर्मा मेनन (Preeti Sharma Menon) ने एक बयान में कहा कि हम सरकार द्वारा संचालित उपयोगिताओं के निजीकरण के खिलाफ है।

पिछले साल नवंबर में अडानी समूह की कंपनी ने मुंबई के और अधिक क्षेत्रों में अपने बिजली वितरण कारोबार का विस्तार करने के लिए लाइसेंस मांगा था। महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL या महावितरण) महाराष्ट्र सरकार के अधीन एक पूर्ण स्वामित्व वाली कॉर्पोरेट इकाई है।