
महाराष्ट्र में 2366 किसानों ने की आत्महत्या
Farmers Suicide in Maharashtra: सरकार की तमाम योजनाओं के बावजूद महाराष्ट्र के कई जिलों में अनेक किसानों की हालत बेहद दयनीय बनी हुई है। कभी मूसलाधार बारिश तो कभी फसलों के रोग से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिससे अनेक किसान कर्ज में डूबे जा रहे है। इसी का नतीजा है कि पिछले छह महीनों में अकेले मराठवाड़ा क्षेत्र (Marathwada) में 483 किसानों ने आत्महत्या की। भारी कर्ज में डूबे मराठवाड़ा के एक किसान ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मदद की गुहार लगाई है।
महाराष्ट्र के हिंगोली जिले (Hingoli News) में कर्ज न भर पाने से परेशान किसान ने सुसाइड की चेतावनी दी है। किसान ने सीएम शिंदे को पत्र लिखकर अपनी फसल के नुकसान का मुआवजा मांगा है। किसान ने बताया कि उस पर करीब 20 लाख रुपये का कर्ज है। अगर उसे मुआवजा नहीं मिला तो उसके पास आत्महत्या करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचेगा। यह भी पढ़े-किसानों का आत्महत्या करना कोई नई बात नहीं, मंत्री अब्दुल सत्तार के बयान से गरमाई सियासत
किसान ने कहा 50 लाख का हुआ नुकसान
मराठवाड़ा क्षेत्र के हिंगोली जिले के सेनगांव तालुका के गजानन नारायण अवचार ने 23 जुलाई को सीएम शिंदे को लिखे अपने पत्र में कहा कि उनके पास एक हेक्टेयर भूमि पर अनार के बागान हैं। उन्होंने दावा किया कि वह कोविड-19 महामारी के बाद से किसी भी बाजार में अपनी उपज नहीं बेच पाये है। दो साल से फसल संक्रमित होने के कारण उसका नुकसान बढ़ कर 50 लाख रुपये तक हो गया है।
बैंक ने कर्ज चुकाने के लिए भेजा नोटिस
सपतगांव के रहने वाले गजानन का यह पत्र 24 जुलाई को मुख्यमंत्री सचिवालय को सौंपा गया है। पत्र में किसान ने दावा किया कि उनके पास अपने पांच सदस्यों वाले परिवार का भरण-पोषण करने के लिए कमाई का कोई साधन नहीं है। उन पर एक बैंक का लगभग पांच लाख रुपये और दूसरे वित्तीय संस्थान का 15 लाख रुपये का कर्ज है।
किसान ने यह भी दावा किया कि उन्हें बैंक से नोटिस मिल रहे हैं और कर्ज नहीं चुका पाने के कारण उन्हें मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने पत्र में कहा ‘‘सरकार मुआवजा दे, नहीं तो मेरे पास आत्महत्या के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है।’’
बीड से है कृषि मंत्री, जहां सबसे ज्यादा किसानों ने किया सुसाइड
बता दें कि मराठवाड़ा में किसानों की आत्महत्या की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। मराठवाड़ा में केवल जून महीने में 92 किसानों ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। जबकि साल के शुरू के छह महीनों में 483 किसानों ने मौत को गले लगाया। यह चौंकाने वाला खुलासा खुद प्रशासन ने किया है।
अधिकारिक आंकड़ों पर गौर करें तो मराठवाड़ा में जनवरी में 62, फरवरी में 74, मार्च में 78, अप्रैल में 89, मई में 88 और जून में 92 किसानों ने आत्महत्या की। सबसे ज्यादा बीड जिले (Beed News) में 128 अन्नदाताओं ने आत्महत्या की। संयोग से राज्य के नए कृषि मंत्री धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) का गृह जिला बीड भी मराठवाड़ा में आता है।
Published on:
27 Jul 2023 04:14 pm

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