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मौत के बाद भी नहीं मिटीं दूरियां! एक साथ नहीं हुआ कुनाल और उसके माता-पिता का अंतिम संस्कार, मामले में नया खुलासा

Chhatrapati Sambhaji Nagar: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के खवड़िया पहाड़ी घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। लेकिन बेटे और मां का अंतिम संस्कार एक साथ, जबकि पिता का अंतिम संस्कार अलग किया गया। अब जमीन और पारिवारिक विवाद का एंगल सामने आया है।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

Aug 23, 2026

Maharashtra Tisgaon Incident

मौत के बाद भी नहीं मिट सकीं चांदगुड़े परिवार का दूरियां (Photo: Instagram/sangita_patil)

Kunal Chandgude news: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के चांदगुडे परिवार के तीन लोगों की एक साथ मौत की घटना ने सभी को झकझोर दिया है। मृतकों में मुरलीधर चांदगुडे (48), उनकी पत्नी संगीता और बेटे कुनाल शामिल हैं। शुरुआत में सामने आया था कि 18 वर्षीय कुनाल ने आईफोन लेने की जिद की थी, पर अब पता चला है कि उसके पास पहले से ही आईफोन था और वह पढ़ने में होनहार था। अब इस मामले में एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पारिवारिक कलह और मनमुटाव के कारण परिवार के तीनों सदस्यों का अंतिम संस्कार एक साथ नहीं किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, मुरलीधर ने जमीन का कुछ हिस्सा अपनी बहनों को दिया था। जमीन के बंटवारे को लेकर भी परिवार में विवाद होने की चर्चा है।

रात में किया गया मुरलीधर का अंतिम संस्कार

जानकारी के मुताबिक, कुनाल और उसकी मां संगीता का अंतिम संस्कार शहर के मुकुंदवाड़ी श्मशान घाट में किया गया, जबकि मुरलीधर चांदगुडे का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव धनगर पिंपलगांव में स्थित खेत में शुक्रवार रात करीब 12 बजे किया गया।

पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों शव परिजनों को सौंपे गए थे। इसके बाद रिश्तेदार मुरलीधर का शव उनके पैतृक गांव लेकर गए, जबकि संगीता और कुनाल के शव उनकी ननिहाल यानी मुकुंदवाड़ी ले जाए गए। दोनों का अंतिम संस्कार वहीं किया गया।

एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत के बावजूद अलग-अलग जगहों पर अंतिम संस्कार किए जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा है कि आखिर तीनों का अंतिम संस्कार एक साथ क्यों नहीं किया गया।

परिवार में लंबे समय से विवाद की चर्चा

स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, चांदगुडे परिवार में लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। ग्रामीणों का दावा है कि करीब 20 साल पहले मुरलीधर ने अपनी पसंद से शादी की थी और शादी के बारे में अपने माता-पिता को पहले जानकारी नहीं दी थी। इसके बाद परिवार में विवाद शुरू होने की बात कही जा रही है। इसके अलावा, तीन एकड़ जमीन को लेकर भी परिवार में तनातनी थी। दरअसल यह जमीन मुरलीधर के पिता ने उनके नाम की थी, इस वजह से मुरलीधर की तीन बहनें नाराज थी, लेकिन कुछ वर्ष पहले मुरलीधर ने कुछ जमीन अपनी बहनों को दी थी, जिसको लेकर मुरलीधर और उसकी पत्नी संगीता में झगड़ा होने लगा था। इसका कुनाल की मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ा।     

जमीन के बंटवारे को लेकर माता-पिता में विवाद का दावा

ग्रामीणों का कहना है कि मुरलीधर के 75 वर्षीय पिता के पास करीब तीन एकड़ जमीन थी। कुछ जमीन मुरलीधर ने कुनाल की तीन बुआओं को दी थी। इसी जमीन के बंटवारे को लेकर मुरलीधर और संगीता के बीच लगातार विवाद होने का दावा ग्रामीणों ने किया है।

ग्रामीणों के मुताबिक, परिवार में चल रहे इन विवादों का असर कुनाल पर भी पड़ा था और वह कथित तौर पर तनाव में रहने लगा था। इसी वजह से कुनाल और संगीता गांव भी नहीं आते थे, जबकि मुरलीधर अपने माता-पिता से मिलने जाया करता था। अभी 15 दिन पहले भी मुरलीधर अपने गांव गया था।

हालांकि, पुलिस ग्रामीणों के इन दावों की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस मामले से इसका कोई संबंध है।

क्या पारिवारिक तनाव और पिता से नाराजगी बनी वजह?

मृतक मुरलीधर एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में ड्राइवर थे। काम की वजह से उन्हें अक्सर 15 दिन से लेकर एक महीने तक घर से दूर रहना पड़ता था। बताया जा रहा है कि मुरलीधर के अपने बेटे कुनाल के साथ रिश्ते अच्छे नहीं थे, जबकि उनके बड़े बेटे की कुछ साल पहले बीमारी के कारण मौत हो गई थी।

पुलिस अब इस एंगल से भी मामले की गहन जांच कर रही है कि क्या माता-पिता के बीच लगातार होने वाले झगड़े, पिता की अनुपस्थिति और उनसे गहरी नाराजगी के कारण कुनाल ने यह खौफनाक कदम उठाया? पुलिस का कहना है कि परिजनों और दोस्तों के बयानों के आधार पर मामले के हर पहलू की तफ्तीश की जा रही है।