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गोद देने और सुनसान जगह छोड़ने का प्लान फेल, फिर बेटी को नहर में डुबोया! सरपंच बनने के लिए पिता बना हैवान

सत्ता की लालसा इंसान को कितना अंधा और क्रूर बना सकती है, इसका एक खौफनाक उदाहरण महाराष्ट्र के नांदेड में सामने आया है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Feb 03, 2026

Maharashtra Father Kills Daughter for Sarpanch Election

सरपंच बनने की चाह में पिता बना कातिल (Photo: X/IANS)

महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारी के बीच इंसानियत को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां सरपंच बनने की अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए एक पिता ने अपनी ही 6 साल की मासूम बेटी की हत्या कर दी। इस दिल दहला देने वाली साजिश में गांव का वर्तमान सरपंच भी शामिल था।

सरपंच चुनाव का नियम बना मासूम काल

नांदेड़ जिले के केरूर गांव के रहने वाले 28 वर्षीय पांडुरंग कोंडमंगले के तीन बच्चे थे, जिसमें 6 साल की दो जुड़वां बेटियां और एक 3 साल का बेटा था। पांडुरंग गांव में बाल काटने वाला सैलून चलाता था। आगामी पंचायत चुनावों के लिए पांडुरंग ने सरपंच बनने का सपना देखा, लेकिन महाराष्ट्र पंचायत राज अधिनियम के अनुसार, दो से अधिक बच्चे होने पर व्यक्ति स्थानीय निकाय चुनाव नहीं लड़ सकता। यही कानूनी अड़चन उसकी मासूम बेटी के लिए मौत का कारण बन गई।

गोद देने से लेकर लावारिस छोड़ने तक की साजिश रची

पुलिस के मुताबिक, पांडुरंग ने अपने तीसरे बच्चे को लेकर खड़ी हुई कानून अड़चन को लेकर अपने दोस्त और गांव के मौजूदा सरपंच गणेश शिंदे से सलाह ली। दोनों ने मिलकर पांडुरंग की जुड़वां बेटियों में से बड़ी बेटी 'प्राची' को रास्ते से हटाने का फैसला किया।

पुलिस जांच में सामने आया कि शुरुआत में आरोपी पिता ने प्राची को किसी को गोद देने के बारे में सोचा, लेकिन 6 साल पहले बने जन्म प्रमाणपत्र के कारण वह कागजों में पांडुरंग की ही संतान रहती। इसके बाद उन्होंने प्राची को किसी सुनसान जगह लावारिस छोड़ने का प्लान बनाया, पर उन्हें डर था कि वह वापस गांव आ सकती है। अंत में, दोनों ने मिलकर उसे हादसे का रूप देकर मारने की साजिश रची।

नहर में मासूम को दिया धक्का

पुलिस के अनुसार, साजिश के तहत पांडुरंग अपनी बेटी प्राची को घुमाने के बहाने पड़ोसी राज्य तेलंगाना के निजामाबाद ले गया। निजामाबाद उसके गांव से महज कुछ ही किमी दूर है, इसलिए सीमा पार करना वहां आम बात थी। इसलिए किसी को शक नहीं हुआ। पांडुरंग उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर सुनसान खेतों के बीच से गुजरने वाली निजामसागर नहर पर ले गया। वहां उसने अपनी ही बेटी को पानी में धक्का दे दिया और मौके से फरार हो गया। पास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने पानी में कुछ गिरने की आवाज सुनी, लेकिन जब तक वे वहां पहुंचे, मासूम प्राची की जान जा चुकी थी और उसका शव पानी में तैर रहा था।

'वॉट्सऐप स्टेटस' से हुआ पर्दाफाश

पुलिस ने अज्ञात शव मिलने के बाद उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया और अखबारों में प्रसारित कीं। इस दौरान एक पुलिसकर्मी ने बच्ची की फोटो अपने 'वॉट्सऐप स्टेटस' पर लगा दी। महाराष्ट्र के केरूर गांव के ही एक व्यक्ति ने स्टेटस में प्राची को पहचान लिया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। जब पुलिस पांडुरंग के घर पहुंची, तो उसने पहले झूठ बोला कि उसकी बेटी का दूर कहीं इलाज चल रहा है। लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया।

निजामाबाद के पुलिस कमिश्नर साई चैतन्य ने बताया कि इस मामले में पांडुरंग के साथ-साथ साजिश रचने वाले वर्तमान सरपंच गणेश शिंदे को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर वे चंद मिनट पहले नहर पर पहुंच जाते, तो शायद मासूम की जान बच जाती। इस घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है।

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