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Maharashtra News: कस्टडी में जाने से पहले संजय राउत ने लिखी चिट्ठी, कहा- मां, मैं जल्द आऊंगा, तब तक उद्धव ही तुम्हारा बेटा

पात्रा चॉल भूमि घोटाला मामले में शिवसेना सांसद संजय राउत को फिर से झटका लगा है। अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत 17 अक्तूबर तक बढ़ा दिया है। इस बीच शिवसेना सांसद संजय राउत ने न्यायिक हिरासत में जाते समय अपनी मां के नाम एक खत लिखा है। वो खत अब सामने आया है।

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Sanjay Raut

पात्रा चॉल घोटाला मामले में शिवसेना सांसद संजय राउत को फिर से झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत 17 अक्तूबर तक बढ़ा दिया है। उनकी जमानत याचिका पर भी सुनवाई अब 17 अक्तूबर को की जाएगी। इस बीच सांसद संजय राउत ने अपनी मां के नाम एक भावुक खत लिखा है। इस खत में उन्होंने लिखा है कि मां अपना ध्यान रखना। मैं जल्द ही वापस आऊंगा। जब तक ना आ जाऊं, तब तक उद्धव ठाकरे और असंख्य शिवसैनिक तुम्हारे बेटे हैं। जैसी तू मेरी मां है, वैसे ही शिवसेना हम सबकी मां है। मां के साथ बेईमानी करने का मुझपर दबाव था। सरकार के खिलाफ कुछ भी मत बोलो। तुमको इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा, यह धमकी मिली थी। ऐसी धमकियों से मैं नहीं डरता हूं। इसी वजह से आज मैं तुमसे दूर हूं। यह चिठ्ठी संजय राउत ने न्यायिक हिरासत में जाने से पहले कोर्ट के बाहर अपनी मां को लिखा है, जो अब सामने आया है।

पिछले दो महीने से मां से मुलाकात ना होने की कसक इस चिठ्ठी में साफ नजर आई हैं। संजय राउत ने लिखा है कि कई साल हुए खत लिखने का मौका नहीं मिला। सामना के लिए रोजाना संपादकीय लिखता था। स्तंभ लिखता था। दौरे पर ना होता था तो हमारी तुम्हारी रोज मुलाकातें होती थीं। दौरे पर होता था तो सुबह-शाम फोन पर बातें हो जाया करती थीं। यह भी पढ़ें: Mumbai News: दिवाली के लिए बेस्ट ने किया बड़ा एलान, मुंबई में महज 9 रुपये में पांच बस की सवारी

उन्होंने आगे लिखा कि इसलिए चिठ्ठी लिखने का मौका कभी नहीं मिला। अब यह चिठ्ठी लिखने का मौका केंद्र सरकार ने दिया है। अभी-अभी मेरी ईडी कस्टडी खत्म हुई। ज्यूडिशियल कस्टडी में जाने से पहले तुम्हें कोर्ट के बाहर से ये चिठ्ठी लिख रहा हूं। तुम्हें चिठ्ठी लिखने का अवसर कई सालों बाद आया है।

संजय राउत ने आगे लिखा कि 1 अगस्त को ईडी के अधिकारी जब घर में घुसे तब तुम मा. बालासाहेब ठाकरे के फोटो के नीचे बैठी थी। ऐसी नौबत अपने साथ आ सकती है, यह एहसास रखते हुए तुमने अपने मन को मजबूत किया हुआ था। लेकिन शाम को जब मुझे लेके जा रहे थे तब तुमने मुझे गले से लगाया और फुटकर रोने लगी। घर के बाहर असंख्य शिवसैनिक नारे लगा रहे थे। ठीक उस समय तुम्हारी आर्तनाद मेरे कलेजे में बिंध गई। ‘जल्दी वापस आना’ तुमने कहा। इसके बाद खिड़की से मुझे हाथ दिखाया, ठीक वैसे ही जैसे रोज ‘सामना’ या दौरे पर जाते समय करती हो। ऐसे मुश्किल भरे समय में तुमने अपने बहते हुए आंसुओं को रोका।

संजय राउत ने आगे लिखा कि बालासाहेब और शिवसेना से कभी गद्दारी नहीं करना, यह तुमने मुझे सिखाया हैं। अब उन मूल्यों के लिए लड़ने का समय आ गया है। अगर संजय राउत यहां कमजोर पड़ गया तो तुम्हारा बेटा किसी को क्या मुंह दिखाएगा। सबको मालूम है। मुझपर झूठे आरोप लगाए गए हैं। परोक्ष रूप से शिवसेना का साथ छोड़ने के लिए मुझपर दबाव बनाया जा रहा। उद्धव ठाकरे हमारे प्रमुख हैं। अगर ऐसे मुश्किल समय में मैं उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ दूं तो कल ऊपर जाकर बालासाहेब को कौनसा मुंह दिखाऊंगा।