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Maharashtra News: शिंदे सरकार का बड़ा फैसला, दही हांडी को दिया खेल का दर्जा; गोविंदाओं को मिलेगी नौकरी

दही हांडी उत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अगले दिन मनाया जाता है। दही हांडी उत्सव महाराष्ट्र और गुजरात में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। दही हांडी को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बड़ा फैसला किया है। दही हांडी के दौरान मौत होने पर संबंधित गोविंदा के परिवार को 10 लाख रुपए की मदद और दिव्यांग होने पर 7.50 लाख और 5 लाख रुपए की रकम दी जाएगी।

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CM Eknath Shinde And Dahi Handi

देश में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इसके साथ ही जन्माष्टमी के दूसरे दिन यानी इस साल 19 अगस्त को दही हांडी का कार्यक्रम मनाया जाएगा। दही हांडी उत्सव मुख्यत: महाराष्ट्र गोवा और गुजरात में होता है। महाराष्ट्र में दही हांडी उत्सव को गोपालकाला के नाम से भी जानते हैं। इस बीच राज्य के सीएम एकनाथ शिंदे ने बड़ा एलान किया है। शिंदे सरकार ने दही हांडी को कबड्डी और खो-खो की तरह खेल का दर्जा दे दिया है।

अब राज्य में दही हांडी को एडवेंचर स्पोर्ट्स के तौर पर पहचान मिली है। दही हांडी में शामिल होने वाले गोविंदा सरकारी योजनाओं का आनंद ले सकेंगे। गोविंदा अब से स्पोर्ट्स कोटा के लिए सरकारी नौकरियों भी मिलेगी। गुरुवार को सीएम एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में एलान किया है। सीएम शिंदे ने यह एलान किया कि जल्दी ही प्रो कबड्डी के नियमों के आधार पर राज्य में दही हांडी प्रतिस्पर्द्धा भी शुरू होगा। यह भी पढ़ें: Maharashtra: ‘अब तेरी गर्दन उतारी जाएगी’- नूपुर शर्मा को सपोर्ट करने पर शिवसेना नेता को भेजी गई धमकी भरी चिट्ठी

दही हांडी के दिन सार्वजनिक छुट्टी घोषित किया गया है। दही हांडी में भाग लेने वाले गोविंदाओं को अब से ना सिर्फ सरकारी नौकरियों मिलेगी, बल्कि उन्हें बीमा संरक्षण भी दिया जाएगा। राज्य सरकार ने ये फैसला किया है कि दही हांडी खेलते वक्त अगर दुर्घटना हो जाती है और ऐसे में किसी गोविंदा की मौत हो जाती है तो संबंधित गोविंदा के परिवार वालों को 10 लाख रुपए मुआवजा दिया जाएगा। गंभीर रूप से जख्मी होने पर 7 लाख 50 हजार रुपए की रकम मदद के तौर पर दी जाएगी।

अगर दही हांडी के दौरान कोई गोविंदा दोनों पैर या दोनों हाथ या दोनों आंखें या शरीर के कोई दो अहम अंग गंवा देता है तो उसे 7.5 लाख रुपए की रकम राज्य सरकार देगी। ऐसी किसी दुर्घटना में कोई गोविंद अगर एक हाथ या एक पैर या शरीर का कोई अंग गंवा बैठता है तो ऐसी स्थिति में उसे 5 लाख रुपए की रकम मदद के तौर पर दिया जाएगा।