
CM Eknath Shinde
मंगलवार को महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने शिक्षा और सरकारी नौकरी के क्षेत्र में मराठाओं को आरक्षण देने के लिए एक उप-समिति का पुनर्गठन किया। इसके साथ ही उन्होंने उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल को इसका प्रमुख नियुक्त किया। उनसे पहले अशोक चव्हाण के हाथों इसकी कमान थी। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक बयान में कहा कि चंद्रकांत पाटिल के नेतृत्व में समिति कानूनी और तकनीकी पहलुओं पर विचार करेगी, जिससे मराठा समुदाय को आरक्षण मिलना सुनिश्चित किया जा सके।
समिति के अन्य सदस्यों में राधाकृष्ण पाटिल, गिरीश महाजन, दादा भूसे, शंभूराज देसाई और उदय सामंत जैसे राज्य मंत्री प्रमुख हैं। मालूम हो कि इस उप समिति का नेतृत्व पहले महा विकास अघाड़ी सरकार के तहत पूर्व मंत्री अशोक चव्हाण ने किया था। पिछले साल मई में सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के उस कानून को रद्द कर दिया, जो मराठा समुदाय के लोगों को एजुकेशनल इंस्टीटूट्स और सरकारी नौकारियों में आरक्षण देने का प्रावधान करता था। यह भी पढ़ें: Mumbai News: 1 रुपये में नाश्ता और 10 में खाना, इस 'अम्मा' रसोई में रोजाना 500 लोग करते है लंच
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत पर तय करने के 1992 के इंदिरा साहनी के फैसले को किसी बड़ी पीठ के पास भेजने से मना कर दिया था। बता दें कि अभी करीब एक महीने पहले ही राज्य के सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा था कि उनकी सरकार की प्राथमिकता आम आदमी के लिए काम करना है। सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग, मराठा और धनगर समुदायों को आरक्षण का फायदा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
बता दें कि केवल शिंदे सरकार ही नहीं, बल्कि उद्धव सरकार भी मराठा आरक्षण के लिए प्रयासरत रह चुकी है। उन्होंने उस दौरान कहा था कि राज्य सरकार मराठा समुदाय के लोगों को न्याय देने के लिए दृढ़ है और इस पर काम जारी है।
Updated on:
20 Sept 2022 06:51 pm
Published on:
20 Sept 2022 06:50 pm
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