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Maharashtra News: अवैध विदेशी नागरिकों की मुश्किलें बढ़ी, महाराष्ट्र में खोले जाएंगे डिटेंशन सेंटर

महाराष्ट्र में जल्द डिटेंशन सेंटर खोले जाएंगे। महाराष्ट्र पुलिस के अधिकारी ने बताया कि विदेशी नागरिकों के मानवाधिकारों को ध्यान में रखते हुए डिटेंशन सेंटर बनाए जाएंगे। इन सेंटरों में सरकार आवास भोजन चिकित्सा उपचार आदि जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करेगी।

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महाराष्ट्र में अवैध तरीके से रह रहे विदेशी नागरिकों की अब खैर नहीं। इन लोगों पर काबू पाने के लिए महाराष्ट्र सरकार अब अलर्ट हो गई है। महाराष्ट्र में डिटेंशन सेंटर खोलने की योजना बनाई जा रही है। शनिवार को अधिकारियों ने कहा कि पुलिस विभाग ने राज्य में अधिक समय तक रहने वाले अवैध विदेशियों के लिए एक डिटेंशन सेंटर स्थापित करने के लिए राज्य सरकार के साथ एक प्रस्ताव रखी है।

ज्यादातर विदेशी नागरिक अपने वीजा के खत्म हो जाने के बाद भारत में रह गए हैं। इनमें से ज्यादातर अफ्रीकी महाद्वीप के गरीब देशों और पड़ोसी बांग्लादेश से भी हैं। इस मामले में एक अधिकारी ने बताया कि उनमें से कई नशीले पदार्थों की तस्करी के गिरोह और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल हैं। यह भी पढ़ें: Pune News: 'फिल्मी स्टाइल' में चोरी करते थे शराब, 12 लाख की दारू समेत 49 लाख रुपए भी जब्त; तीन गिरफ्तार

बता दें कि अधिकारी ने आगे कहा कि यह दूसरी बार है जब राज्य की पुलिस अवैध तरीके से रह रहे विदेशी नागरिकों के लिए डिटेंशन सेंटर बनाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इससे पहले, नवी मुंबई में एक डिटेंशन सेंटर का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन यह योजना लागू नहीं किया गया। इस मामलें को लेकर 3 साल पहले सरकार के स्तर पर चर्चा हुई थी जब नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था।

वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कई बार कुछ देशों के विदेशी नागरिक पर्यटक, छात्र, चिकित्सा और व्यावसायिक वीजा पर मुंबई में आते हैं। इनमें से ज्यादातर बिज़नेस की आड़ में ड्रग सिंडिकेट और साइबर धोखाधड़ी का हिस्सा होते हैं। उन्होंने कहा कि 7 हजार से ज्यादा अफ्रीकी, जिनमें से ज्यादातर नाइजीरिया से हैं। फिलहाल उचित दस्तावेजों के बगैर मुंबई और अन्य शहरों में खुले आम घूम रहे हैं।

अधिकारी ने कहा कि मुंबई में रहने वाले कई नाइजीरियान ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में शामिल होते हैं। हाल ही में, मुंबई पुलिस के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और एंटी-नारकोटिक्स सेल ने एक करोड़ रुपये के सिंथेटिक ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया था। गिरफ्तार किए गए लोगों में कई नाइजीरियाई भी थे। इन लोगों ने छोटे-छोटे गिरोह बनाए हैं और नशीले पदार्थों की तस्करी करते हैं। कई विदेशी नागरिक, जो वास्तविक काम के लिए भारत आते हैं, अपना काम पूरा करते हैं और समय रहते ही अपने देश वापस लौट जाते हैं।