17 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Maharashtra News: नासिक में आठ आदिवासी बच्चों के गायब होने से मचा हड़कंप, रखे गए थे ‘गिरवी’

महाराष्ट्र के नासिक के उभाडे गांव के मूल निवासी आठ आदिवासी बच्चे लापता हो गए हैं। गरीब माता-पिता ने पैसों के लिए इन बच्चों को अहमदनगर में बंधुआ मजदूरी के रूप में काम करने के लिए गिरवी रखा था।

2 min read
Google source verification
nashil_tribal_children.jpg

Nashil Tribal Children

महाराष्ट्र में नासिक से हैरान कर देने वाला मामला सामने आ रहा है। नासिक के इगतपुरी तालुका के उभाडे गांव के 8 आदिवासी बच्चे लापता हो गए हैं। गरीब माता-पिता ने पैसों के लिए इन बच्चों को अहमदनगर में बंधुआ मजदूरी के रूप में काम करने के लिए गिरवी रखा था। इन बच्चों को भेड़ चराने वाले अपने साथ ले जाते हैं। मां-बाप के कहने पर दलाल इन बच्चों को भेड़ और बकरी मालिकों तक पहुंचाते हैं। इसके बदले में बच्चों के घरवालों को पैसे और दलालों को कमीशन मिलता है। कुछ बच्चे तो बाद में वापस घर आते हैं और कुछ का पता नहीं नहीं चलता है।

मिली जानकारी के मुताबिक, अहमदनगर जिले में राजस्व, आदिवासी विकास और स्थानीय पुलिस विभाग के शीर्ष अधिकारी बच्चों की तलाशी अभियान में लगे हुए हैं। इस दौरान अब तक 11 आदिवासी बच्चों को छुड़ा लिया गया है और 8 बच्चों की तलाशी अभी भी अभियान जारी है। यह भी पढ़ें: Maharashtra News: मौलाना ने 4 नाबालिगों का किया यौन शोषण, पोक्सो एक्ट के तहत केस हुआ दर्ज

बता दें कि अहमदनगर जिले में एक बड़ा 'बंधुआ मजदूरी का रैकेट' है, जिसमें कई बिचौलिए शामिल हैं। यहां गरीब आदिवासी अपने नाबालिग बच्चों को गिरवी रख देते हैं। इसके बदले में उन्हें कुछ पैसे, भेड़, बकरी या नकद दे दिया जाता है। इसके बाद बच्चों को बिचौलियों के हाथों सौंप दिया जाता है। इस दौरान माता-पिता को अपने बच्चों से बात करने अनुमति नहीं होती है।

उभाडे गांव में लोग गरीबी से जूझ रहे हैं। आदिवासियों का आरोप है कि उनके पास खाना बनाने के लिए कुछ नहीं है। राज्य सरकार की तरफ से भी उन्हें राशन मुहैया नहीं कराया जाता है। उनके कुछ बच्चे कई साल से लापता हैं। यहां 138 आदिवासी 26 झोपड़ियों में रह रहे हैं। यहां के रहवासियों का आरोप है कि उनके बच्चे कई सालों से नहीं आए है। उनका कोई अता-पता ही नहीं है। पूछने पर भी खबर नहीं मिलती है। वहीं, 7 अगस्त को पुलिस ने अलग-अलग मामलों में रामदास लवहाटे, रवा खताल, रामा पोकले, कांतिलाल करांडे और प्रकाश पुनेकर के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

सीएम को लिखी चिठ्ठी: बता दें कि महाराष्ट्र में आदिवासियों के लिए योजनाओं की स्थिति को देखने के लिए सरकार द्वारा नियुक्त समिति के अध्यक्ष विवेक पंडित ने कहा कि 8 आदिवासी बच्चे गायब हैं। 11 को अहमदनगर में हमारे पुरुषों और स्थानीय प्रशासन की कोशिशों से छुड़ाया गया है। मैंने सीएम को उन्हें रिमांड होम में रखने के बजाय आश्रम शाला में भर्ती करने के लिए चिठ्ठी लिखी है।