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Maharashtra News: ब्रिटेन के PM ऋषि सुनक की सास सुधा मूर्ति ने छुए शंभाजी भिड़े के पैर, सोशल मीडिया पर मचा हंगामा

ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की सास सुधा मूर्ति का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह हिंदुत्ववादी नेता शंभाजी भिड़े के पैर छू रही हैं। इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ा हुआ है। हालांकि, सुधा मूर्ति के एक सहयोगी ने बताया कि लेखिका को पता नहीं था कि भिड़े कौन हैं और एक वरिष्ठ नागरिक को सम्मान देने के रूप में उन्हें नमन किया था।

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Sudha Murthy And Sambhaji Bhide

ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की सास सुधा मूर्ति का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह हिंदुत्ववादी नेता शंभाजी भिड़े के पैर छू रही हैं। इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ा हुआ है। एक महिला रिपोर्टर के माथे पर बिंदी न होने पर बात करने से मना को लेकर भी शंभाजी भिड़े पिछले कुछ दिनों से सुर्खियों में चल रहे हैं। इस मामले में शंभाजी भिड़े को महाराष्ट्र के महिला आयोग से नोटिस भी मिल चुका है।

सोशल मीडिया पर सुधा मूर्ति के पैर छूने का जो वीडियो वायरल हो रहा है, वह एक प्रमोशनल इवेंट का है। सुधा मूर्ति महाराष्ट्र के सांगली जिले में अपनी किताबों के प्रमोशन के लिए पहुंची थीं। इस दौरान वह शंभाजी भिड़े से मिलीं तो उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। जिस पर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। यह भी पढ़े: Maharashtra Politics: 'आपत्तिजनक' शब्दों के उपयोग पर सुप्रिया सुले का पलटवार, अब्दुल सत्तार को लेकर दिया चौंकाने वाला बयान

बता दें कि संभाजी भिड़े के पैर छूने पर विवाद छिड़ने के बाद सुधा मूर्ति के एक सहायक ने बताया कि सुधा मूर्ति तो जानती भी नहीं थीं कि शंभाजी भिड़े कौन हैं। उन्होंने एक बुजुर्ग को देखा तो सम्मान के तौर पर उनके पैर छू लिए। गौरतलब है कि, सुधा मूर्ति के दामाद ऋषि सुनक हैं, जो हाल ही में ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बने हैं। दरअसल इस पर विवाद इस वजह से छिड़ा क्योंकि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर यह दावा करते हुए वीडियो शेयर किया गया कि सुधा मूर्ति पर दबाव डाला गया था कि वह शंभाजी भिड़े से मुलाकात करें। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद मेहता पब्लिशिंग हाउस की संपादकीय हेड योजना यादव की एक फेसबुक पोस्ट वायरल हो गई।

सांगली कार्यक्रम का आयोजन करने वाले मेहता प्रकाशन की संपादकीय प्रमुख योजना यादव ने दावा किया कि इस बात पर स्थानीय पुलिस ने जोर दिया था कि संभाजी भिड़े को सुधा मूर्ति से मिलने की इजाजत दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि संभाजी भिड़े को प्रोग्राम में आमंत्रित नहीं किया गया था। लेकिन पुलिस ने सुधा मूर्ति से अनुरोध किया कि वे संभाजी भिड़े से मुलाकात कर लें, जो अपने समर्थकों के साथ ऑडिटोरियम के बाहर इंतजार कर रहे हैं। योजना यादव ने आगे कहा कि संभाजी भिड़े से मिलने का दबाव इतना था कि रीडर्स के साथ अपनी बातचीत को बीच में ही छोड़कर सुधा मूर्ति वहा से निकल गई थीं। वह नहीं जानती थीं कि संभाजी भिड़े कौन हैं। इसलिए उन्होंने मुझसे उनकी उम्र पूछी। इसके बाद बुजुर्ग होने के नाते पैर छुए।

योजना यादव ने आगे बताया कि सुधा मूर्ति ने मुझे बताया कि शंभाजी भिड़े उनसे करीब डेढ़ घंटे बात करना चाहते थे। लेकिन वह यह कहकर वह से चली आई कि उनके पास डेढ़ मिनट से अधिक का समय नहीं है। मैंने उसी समय सुधा मूर्ति से कहा था कि इस मुलाकात का उपयोग बाद में प्रोपेगेंडा के लिए किया जा सकता है।