
आगामी लोकसभा चुनावों के लिए महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) द्वारा बुधवार को उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की गई। शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट ने इसमें मुंबई की चार सीटों समेत राज्य की 17 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की। हालांकि उद्धव खेमे की पहली लिस्ट ने विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाडी (एमवीए) में तहलका मचा दिया है।
शिवसेना (यूबीटी) की पहली सूची की घोषणा के बाद कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार) दोनों दलों में विरोध शुरू हो गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और एमवीए वार्ता समिति के सदस्य बालासाहेब थोराट ने कहा कि उद्धव गुट को मुंबई दक्षिण मध्य, भिवंडी और सांगली आदि जगहों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा नहीं करनी चाहिए थी। क्योंकि उन सीटों पर अभी भी चर्चा चल रही थी। यह भी पढ़े-Lok Sabha Elections 2024: शिवसेना ठाकरे गुट ने जारी की 17 प्रत्याशियों की पहली लिस्ट, मुंबई से 4 उम्मीदवारों का ऐलान, जानें नाम
एमवीए में कांग्रेस, एनसीपी (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (उद्धव गुट) शामिल हैं। एमवीए के सीट बंटवारे फॉर्मूले की अभी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है. दरअसल कई सीटों पर पेंच फंसा हुआ है और तीनों दलों की वार्ता समिति उस पर बातचीत कर रही है।
गठबंधन तोड़ दें- संजय निरुपम
कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने कहा, "आज सुबह शिवसेना ने मुंबई की चार सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं.. मुंबई की एक सीट खैरात के तौर पर कांग्रेस के लिए छोड़ दी गई है। मैं इस फैसले का निषेध कर रहा हूं। मैं शिवसेना का भी निषेध करता हूं और कांग्रेस के जिस नेतृत्व ने शिवसेना के साथ वार्ता उसकी भी निंदा करता हूं। शिवसेना ने मुंबई उत्तर-पश्चिम के लिए जो उम्मीदवार घोषित किया है उसपर भ्रष्टाचार का आरोप है... मैं ऐसे खिचड़ी चोर उम्मीदवार के लिए काम नहीं करूंगा..."
संजय निरुपम ने कहा, "इससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ठेस पहुंची है। मैं भी नाराज हूं। मुझे दुख है कि हमारे वार्ताकारों ने कांग्रेस पार्टी का पक्ष मजबूती से नहीं रखा...शिवसेना (यूबीटी) ने कांग्रेस को दबाने का प्रयास किया है। यह प्रयास कांग्रेस को मुंबई में खत्म करने की साजिश का हिस्सा है। कांग्रेस नेतृत्व को पार्टी बचानी है तो स्टैंड लेना होगा। सिर्फ दो विकल्प हैं- पहला, गठबंधन तोड़ दें। दूसरा, फ्रेंडली लड़ाई करें.. जिन सीटों पर हमारा विवाद है और समाधान नहीं हो पाया हैं, उन सीटों पर कांग्रेस को अपने उम्मीदवार उतारने चाहिए..."
उद्धव गुट का पलटवार
कांग्रेस नेता संजय निरुपम के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना यूबीटी सांसद अरविंद सावंत ने कहा, "वह (निरुपम) कौन हैं? मुझे नहीं पता। हमारी पार्टी में अनुशासन है। एक बार जब उद्धव ठाकरे ने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है तो मामला वहीँ खत्म हो गया।"
2019 में निरुपम की हुई थी हार
शिवसेना (यूबीटी) ने मुंबई उत्तर-पश्चिम लोकसभा सीट से अमोल कीर्तिकर को उम्मीदवार बनाया है। अमोल के पिता गजानन कीर्तिकर इस सीट पर मौजूदा सांसद हैं। संजय निरुपम ने कीर्तिकर की उम्मीदवारी पर आपत्ति जताई है। दरअसल इस सीट से निरुपम ने 2019 लोकसभा चुनाव लड़ा था। लेकिन तब शिवसेना के उम्मीदवार गजानन कीर्तिकर से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। दरअसल अमोल के पिता और सीट से मौजूदा सांसद गजानन कीर्तिकर अब एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना में हैं।
मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के 2019 के रिजल्ट पर गौर करें तो यहां गजानन कीर्तिकर (शिवसेना) को 570,063 (60.55 फीसदी) वोट मिले थे। जबकि कांग्रेस नेता निरुपम को 3,09,73 (32.90 फीसदी) वोट मिले थे। कहा जा रहा है कि निरुपम इस बार फिर यहां से चुनाव लड़ता चाहते है।
शरद पवार के खेमे में भी हलचल बढ़ी
उधर, उद्धव ठाकरे की पार्टी द्वारा मुंबई उत्तर-पूर्व लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद शरद पवार की एनसीपी के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। एनसीपी (शरद पवार) कार्यकर्ताओं ने शिवसेना (यूबीटी) के पार्टी कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं का कहना है कि मुंबई उत्तर-पूर्व सीट पर एनसीपी का दबदबा है तो यहां से उम्मीदवार भी उनका होना चाहिए। उद्धव गुट ने यहां से पूर्व एनसीपी नेता संजय दिना पाटील को उम्मीदवार बनाया है। इस बीच शरद पवार ने आज अपनी पार्टी के संसदीय बोर्ड की अहम बैठक की।
Updated on:
27 Mar 2024 06:10 pm
Published on:
27 Mar 2024 06:09 pm
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