
Maharashtra: नायर अस्पताल से फरार कोरोना मरीज पहुंचा भिवंडी, प्रशासन की लापरवाही का नतीजा
भिवंडी. पिछले दिनों मानसरोवर इलाके में मिले कोरोना मरीज को उपचार के लिए इंदिरागांधी मेमोरियल अस्पताल (IGM) में भर्ती किया गया था। उसे डायलिसिस के लिए मुंबई के नायर हॉस्पिटल भेजा गया था। वहां से वह नर्सों (nurses) को चकमा देकर फरार हो गया। तीन दिन बाद अचानक वह आईजीएम अस्पताल परिसर में घूमता हुआ पाया गया। अस्पताल की कॉलोनी (Colony) के निवासियों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने संक्रमित व्यक्ति को पकड़ कर आईजीएम अस्पताल के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद फिर उसे मुंबई के नायर अस्पताल भेजा गया। इस घटना ने कोरोना जैसे गंभीर मामले में शासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है।
औरंगाबाद से आया था भिवंडी
मिली जानकारी अनुसार 51 वर्षीय यह शख्स 22 अप्रेल को औरंगाबाद (Aurangabad) के कन्नड तालुका से डायलिसिस कराने के लिए अपने भाई के पास भिवंडी (bhiwandi) आया था। मनपा के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे आईजीएम अस्पताल में भर्ती कराया था। 24 अप्रेल को डायलिसिस के लिए उसे नायर अस्पताल भेजा गया था। लेकिन, 26 अप्रेल की शाम वह आईजीएम अस्पताल परिसर में घूमता मिला।
एंबुलेंस से पहुंचा ठाणे, ट्रक से आया राजनोली नाका
सूत्रों के अनुसार कोरोना संक्रमित व्यक्ति नर्सों को चकमा देकर नायर अस्पताल से फरार हो गया। एंबुलेंस से वह ठाणे (Thane) पहुंचा। ठाणे से ट्रक में सवार हो कर राजनोली नाका (Rajnoli Naka) पहुंचा। राजनोली नाका से वह पैदल ही आईजीएम अस्पताल पहुंच गया। आईजीएम के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. अनिल थोरात ने शांतिनगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराते हुए घटना की जांच की मांग की है।
अस्पताल से भागी महिला पकड़ी गई
औरंगाबाद में भी सोमवार को एक 65 साल की महिला क्वारेंटाइन सेंटर से भाग गई थी। हालांकि कुछ समय बाद ही वह पकड़ ली गई। पुलिस ने बताया कि मामला चिकलथाना क्षेत्र में स्थित कोविड-सेंटर से जुड़ा है। महिला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और आपदा प्रबंधन अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
Published on:
28 Apr 2020 04:15 pm
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