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Maharashtra Politics: कैबिनेट विस्तार में देरी और सचिवों के अधिकार को लेकर विपक्ष ने बोला सरकार पर हमला, CMO ने कही ये बात

महाराष्ट्र में नई सरकार का गठन हुए एक महीने से अधिक का समय हो चुका है। लेकिन मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हो पाया है। जिसके कारण विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। साथ ही राज्य के मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री के निर्देश के साथ कैबिनेट और राज्य मंत्रियों का अधिकार विभाग के सचिवों को जारी किया है।

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Eknath Shinde

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में कैबिनेट का विस्तार कब होगा इसे लेकर सस्पेंस बरकरार है। जबकि नई सरकार का गठन हुए एक महीने से अधिक का समय बीत गया है। इन सब के बीच सूबे के मुख्य सचिव ने सीएम एकनाथ शिंदे के निर्देश के साथ कैबिनेट और राज्य मंत्रियों का अधिकार विभाग के सचिवों को देने का अधिकार जारी किया है। इस फैसले पर विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला है। जिसके बाद सीएमओ की तरफ से बयान सामने आया है।

ज्ञात हो कि मुख्य सचिव ने जो आदेश जारी किया है उसके अनुसार विभाग के सचिवों को लंबित मामलों पर अंतरिम आदेश देने और अहम मामलों में तुरंत सुनवाई करने का आदेश दिया गया है। सरकार के इस आदेश की एनसीपी नेता अजित पवार ने आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आदेश से सूबे में बुरी मिसम कायम होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में देरी के कारण लोगों में से चुने गए प्रतिनिधि अपने अधिकारों से वंचित हो गए हैं।

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कांग्रेस ने भी सरकार के इस फैसले पर निशाना साधा है। उसका कहना है कि सरकार की अगुवाई जान प्रतिनिधियों द्वारा की जानी चाहिए क्योंकि वे लोगों द्वारा चुनकर आए हैं। इसलिए फैसले उनके होने चाहिए न कि सचिवों के। इस मामले पर विपक्ष के हमले के बाद सीएमओ ने सफाई देते हुए एक प्रेस रिलीज जारी किया है।

मुख्यमंत्री दफ्तर की तरफ से कहा गया कि अर्ध-न्यायिक मामलों को छोड़कर सचिव को कोई मंत्री स्तर के पावर नहीं दिए गए हैं। ये सभी शक्तियां पहले की तरह मंत्री, सीएम और मंत्रिपरिषद के पास रहेंगी। सीएमओ ने कहा कि यह कहना गलत है कि फैसले लेने की सारी प्रक्रिया सचिवों के साथ में दी गई है।