9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Maharashtra Politics Crisis: शिवसेना की कार्यकारिणी बैठक खत्म, जानें कौन-कौन से प्रस्ताव हुए पारित

शिवसेना की कार्यसमिति की बैठक खत्म हो गई है। इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इससे पहले शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए शिवसेना भवन पहुंचे और बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान बैठक में कई प्रस्ताव पास गुए। फिलहाल बागी विधायक एकनाथ शिंदे को पार्टी ने अपने पद से नहीं हटाया है।

2 min read
Google source verification
Uddhav Thackarey.jpg

Uddhav Thackarey

महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट के बीच शनिवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई। इस बैठक में उद्धव ठाकरे समेत कई दिग्गज नेता भी शामिल हुए। इस दौरान बैठक में कई बड़े प्रस्ताव पारित किए गए। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बागियों पर कठोर निर्णय लेने का प्रस्ताव पास किया है। इसके अलावा बागी विधायकों के परिवार के सदस्यों और करीबियों को शिवसेना के पदों से हटा दिया जाएगा। इस बैठक में कई प्रस्ताव पास गुए। बागी विधायक एकनाथ शिंदे को पार्टी ने अपने पद से नहीं हटाया है।

शिवसेना के संविधान के मुताबिक पक्ष प्रमुख के बाद पार्टी में 13 नेता पद है। इसके बाद उपनेता, जिला प्रमुख और विभाग प्रमुख आते हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान शिवसेना सांसद संजय राउत ने भी एक प्रस्ताव पेश किया जिसके बाद शिवसेना से दगा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार उद्धव ठाकरे को दिया गया। महाराष्ट्र में जारी संकट के बीच राजधानी मुंबई में पुलिस ने धारा 144 लगा कर दी है। यह भी पढ़ें-Maharashtra Political Crisis: शिंदे गुट ने रखा ‘शिवसेना बालासाहेब’ नाम, तो भड़की शिवसेना, अब खटखटागी चुनाव आयोग का दरवाजा

राष्ट्रीय कार्यकारणी बैठक में लिए गए ये संकल्प-

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व पर कार्यकारिणी को पूरा भरोसा। सारे निर्णय लेने के अधिकार पक्षप्रमुख के तौर पर उद्धव ठाकरे को होंगे।
शिवसेना को धोखा देने वाले लोगों को नहीं मिलेगीमाफी ।
शिवसेना के जो काम हैं वह लोगों तक पहुंचाए जाएं।
शिवसेना और बालासाहब ठाकरे का नाम कोई नहीं इस्तेमाल कर सकता।
बागी विधायक जब तक माफी नहीं मांगते सेना भवन में प्रवेश नहीं कर सकते हैं।

इन प्रस्तावों को बैठक में सर्वसम्मति से पास किया गया है। शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे के पार्टी के खिलाफ विद्रोह करने और कम से कम 38 विधायकों को लेकर गुवहाटी पहुंचने के बाद महा विकास आघाड़ी (एमवीए) बड़े राजनीतिक संकट का सामना कर रहा है। मिली जानकरी के मुताबिक शिंदे समर्थकों ने अपने अलग गुट का नाम सोच लिया है। शिंदे कैंप ने 'शिवसेना - बालासाहेब ठाकरे गुट' के नाम को अपनाने का फैसला किया है। इस पर शिवसेना ने आयोग में आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा है कि शिंदे गुट 'बाला साहब' और 'शिवसेना' का नाम इस्तेमाल नहीं कर सकता है।

सेना भवन में शिव सैनिकों को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बागी विधायक एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए कहा कि एकनाथ शिंदे को हमने बड़ी जवाबदारी दी थी। वे बालासाहेब ठाकरे के नाम के बिना वोट मांगकर दिखाएं। हिम्मत हो तो खुद के बाप के नाम पर वोट मांगे। शिवसेना बालासाहेब ठाकरे की थी और हमेशा उनकी ही रहेगी। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि बागियों को पहले उनका फैसला लेने दो फिर हमें जो उचित लगेगा हम वो करेंगे।