
एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस (Photo: IANS)
महाराष्ट्र में ग्रामीण राजनीति की दिशा तय करने वाले 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनाव के लिए मतों की गिनती सोमवार सुबह 10 बजे से शुरू हो गई है। शुरुआती रुझानों में भाजपा गठबंधन विपक्ष पर भारी पड़ता दिख रहा है। दिलचस्प बात यह है कि नगरपालिका और महानगरपालिका के बाद अब भाजपा जिला परिषद व पंचायत समितियों में भी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है।
अब तक आये नतीजों और रुझानों में जिला परिषदों और पंचायत समितियों में भाजपा का दबदबा साफ दिखाई दे रहा है। 12 जिला परिषदों में अब तक की मतगणना के रुझानों के अनुसार भाजपा 7 जिला परिषदों में आगे चल रही है, जबकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 2 और एनसीपी अजित पवार गुट 2 जिला परिषदों में बढ़त बनाए हुए है। विपक्ष की बात करें तो कांग्रेस 1 जिला परिसद में आगे और जबकि अन्य दलों का खाता तक नहीं खुल सका है।
वहीँ, पंचायत समितियों में भी कुछ ऐसा ही माहौल नजर आ रहा है। भाजपा सबसे आगे चल रही है। पंचायत समिति स्तर पर भाजपा 30, शिवसेना शिंदे गुट 17 और एनसीपी (अजित पवार गुट) 20 स्थानों पर आगे चल रही है। कांग्रेस 8, शरद पवार गुट 11, शिवसेना उद्धव गुट 5 व अन्य एक पर आगे हैं।
महाराष्ट्र के 12 जिला परिषदों की 731 सीटों और पंचायत समितियों की 1,462 सीटों के लिए शनिवार को 68.28 प्रतिशत मतदान हुआ था। 12 जिला परिषदों में पुणे, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, सातारा, सांगली, कोल्हापुर, सोलापुर, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, धाराशिव और लातूर शामिल हैं। कुल 7,438 उम्मीदवार चुनावी मैदान में है। हालांकि मतगणना से पहले ही भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) गठबंधन के करीब 27 उम्मीदवार निर्विरोध जीत चुके हैं।
ये चुनाव पहले 5 फरवरी को होने थे, लेकिन पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मृत्यु और उसके बाद घोषित तीन दिनों के राजकीय शोक के चलते मतदान स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद 7 फरवरी को शांतिपूर्ण तरीके से मतदान कराया गया।
राज्य निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, कुल 2.08 करोड़ मतदाताओं में से 68.28 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदाताओं ने एक साथ दो मत डाले, जिनमें एक जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र के लिए और दूसरा पंचायत समिति निर्वाचन मंडल के लिए था। जिला परिषद चुनाव के लिए सफेद और पंचायत समिति चुनाव के लिए गुलाबी मतपत्रों का इस्तेमाल किया गया।
ये मतदान पुणे,रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, सातारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, धाराशिव और लातूर जिलों में हुए। जिला परिषद की 731 सीटों और इनके अंतर्गत आने वाली 125 पंचायत समितियों की 1,462 सीटों के लिए मतदाताओं ने अपने प्रतिनिधि चुने।
जिला परिषद चुनावों में कुल 2,624 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि पंचायत समिति चुनावों में 4,814 उम्मीदवार अपनी राजनीतिक किस्मत आजमा रहे हैं।
अजित पवार के निधन के बाद यह पहला बड़ा चुनाव है। पश्चिमी महाराष्ट्र के अपने पारंपरिक गढ़ों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विभिन्न गुटों ने गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा है।
ये नतीजे दिवंगत अजित पवार और पार्टी संस्थापक शरद पवार के नेतृत्व वाले एनसीपी गुटों के भविष्य की राजनीति तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। पुणे, सातारा, सोलापुर और सांगली जैसे जिलों में दोनों गुटों ने अपनी पुरानी प्रतिद्वंद्विता को किनारे रखते हुए अनौपचारिक गठबंधन किया था और उम्मीदवार मूल चुनाव चिह्न ‘घड़ी’ के साथ मैदान में उतरे थे। एनसीपी के दोनों गुटों ने पिछले महीने पुणे और पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका चुनाव भी साथ मिलकर लड़े थे।
Updated on:
09 Feb 2026 01:10 pm
Published on:
09 Feb 2026 01:04 pm
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