
दशहरा रैली पर घमासान मचा
Shiv Sena Dussehra Rally in Shivaji Park: महाराष्ट्र में सत्ता बदलने के बाद शिवसेना में बड़ी फूट पड़ी। यहां तक की असली शिवसेना कौन है इसको लेकर एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे के बीच विवाद हो गया है। एकनाथ शिंदे की बगावत को शिवसेना के 40 विधायकों और 12 सांसदों के आने से और बल मिला है। उधर, बीजेपी ने भी मुख्यमंत्री के तौर पर एकनाथ शिंदे का नाम आगे बढ़ाकर बड़ा सियासी दांव चला है। इन सब के बीच अब शिवसेना की सालों से हो रही दशहरा रैली को लेकर शिंदे-ठाकरे समूह में विवाद खड़ा हो गया है। इस बहस में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) भी कूद पड़ी है।
मनसे, शिंदे समूह और उद्धव ठाकरे दावा कर रहे हैं कि वें हिंदुत्व के विचार और बालासाहेब की विरासत को आगे बढ़ाएंगे। मनसे कार्यकर्ता खुलेआम अब राज ठाकरे से दशहरा के दिन जनता को संबोधित करने का आग्रह कर रहे हैं। इससे अब यह सवाल उठ रहा है कि इनमें से दशहरा सभा करेगा कौन? यह भी पढ़े-Mumbai Metro: कम गेंदों में बनाने है ज्यादा रन... सीएम एकनाथ शिंदे ने विरोधियों को दिया करारा जवाब
मनसे ने क्या कहा?
इस संबंध में मनसे महासचिव संदीप देशपांडे ने कहा, 'शिवतीर्थ' पर दशहरे की सभा का अर्थ है बालासाहेब के विचारों को गांठ बांधना! आज दोनों गुट इस पर लड़ रहे हैं लेकिन उन्हें एक बात याद रखनी चाहिए "यह विरासत वस्तु की नहीं बल्कि विचारों की है"।
राज ठाकरे के नेतृत्व वाली मनसे का कहना है कि 2012 के बाद यह परंपरा (दशहरा रैली) कहीं टूटती नजर आ रही है। दशहरा रैली का अर्थ है हिंदुत्व के विचार, बालासाहेब के विचार और मराठी लोगों के विचार, लोगों को इसकी आदत थी। मनसे ने दावा किया कि आज जो विवाद चल रहा है वह आयोजन स्थल को लेकर है।
मनसे नेता संदीप देशपांडे ने कहा कि, बालासाहेब ठाकरे के विचार आगे बढ़ने चाहिए। हिंदुत्व और मराठी लोगों की सोच को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। इसलिए सभी महाराष्ट्र सैनिक राज ठाकरे से अनुरोध करेंगे कि देश की हिंदू जनता, महाराष्ट्र के सभी मराठी लोग उनके विचार सुनने के लिए उत्सुक हैं। इसलिए राज ठाकरे को दशहरे के दिन जनता को संबोधित करना चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने कहा 'रैली वहीं होगी'
एक दिन पहले ही शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि अनुमति मिले या न मिले पार्टी की वार्षिक दशहरा रैली मुंबई के शिवाजी पार्क में होगी। ठाकरे ने यह बात उनकी अगुवाई वाले पार्टी के धड़े को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) से रैली के लिए मंजूरी नहीं मिलने के सवाल पर कही।
शिवसेना पिछले कई वर्षों से विशाल शिवाजी पार्क में इस रैली का आयोजन करती रही है, जिसमें पार्टी संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे का भाषण भी होता था। उनके निधन के बाद उद्धव ठाकरे दशहरा रैली की अगुवाई करते थे
शिंदे गुट ने दावा ठोका-
वहीँ, शिंदे खेमे के मुख्य प्रवक्ता और मंत्री दीपक केसरकर ने कहा, शिवसेना पूरे महाराष्ट्र की है और महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई है। बालासाहेब ने मुंबई में शिवसेना के पौधे रोपे थे। वह अब एक पेड़ बन गया है। एकनाथ शिंदे ही बालासाहेब के विचारों को आगे बढ़ाएंगे। बालासाहेब के सपने की तरह ही मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के तौर पार महाराष्ट्र को मिला है। एकनाथ शिंदे बालासाहेब के विचारों के प्रति वफादार हैं। बालासाहेब के विचारों पर चलना परम कर्तव्य है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे दशहरा सभा की परंपरा को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बता दें कि शिवसेना शिवाजी पार्क को ‘शिवतीर्थ’ कहकर पुकारती है। शिवसेना में विभाजन के बाद यह पहली दशहरा रैली होगी। दशहरा इस साल 5 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
Published on:
30 Aug 2022 04:25 pm
बड़ी खबरें
View Allमुंबई
महाराष्ट्र न्यूज़
ट्रेंडिंग
