शिंदे खेमे में शामिल होते ही सांसद गजानन कीर्तिकर विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद संजय निरुपम ने गजानन कीर्तिकर पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सबसे निष्क्रिय सांसद हैं कीर्तिकर। जल्द उनके खिलाफ बाइक रैली का आयोजन करके इस्तीफ़ा माँगा जायेगा।
महाराष्ट्र में सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर शिंदे खेमे में शामिल होने वाले शिवसेना सांसद गजानन कीर्तिकर के खिलाफ कांग्रेस के पूर्व सांसद संजय निरुपम ने मोर्चा खोल दिया है। संजय निरुपम ने गजानन कीर्तिकर पर उत्तर-पश्चिम मुंबई लोकसभा चुनाव क्षेत्र के मतदाताओं के साथ धोखा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि गजानन कीर्तिकर को सांसद पद से इस्तीफा देना चाहिए। इसके साथ ही यह घोषणा भी किया कि जब तक कीर्तिकर इस्तीफा नहीं देते वह शांत नहीं बैठेंगे।
रविवार को संजय निरुपम ने कहा कि उत्तर-पश्चिम मुंबई कोंस्टीटूएंसी के सांसद गजानन कीर्तिकर शिंदे खेमे के साथ खड़े हो गए। पार्टी छोड़ने का फैसला उनका था, मैं इसके बारे में कुछ नहीं कहना चाहता। मैं यह भी नहीं जानना चाहता कि उन्होंने पार्टी क्यों और किस लालच में छोड़ी। लेकिन मेरी राय है कि आपने शिवसेना-बीजेपी गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में इलेक्शन लड़ा था, आप धनुष-बाण के निशान पर चुने गए थे। अब जब आपने पार्टी छोड़ दी है, तो आपको संसद सदस्य के रूप में भी इस्तीफा दे देना चाहिए। यह भी पढ़े: Shraddha Murder Case: श्रद्धा हत्या कांड को लेकर मुंबई पुलिस का दावा, अब सामने आई ये बड़ी सच्चाई
बता दें कि कांग्रेस के नेता संजय निरुपम ने आगे कहा कि पिछले साढ़े तीन साल के दौरान गजानन कीर्तिकर को उत्तर-पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र में कभी नहीं देखा गया था। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि गजानन कीर्तिकर इस देश के सबसे निष्क्रिय सांसद हैं। मैं हारा हुआ प्रत्याशी होते हुए भी उनसे अधिक निर्वाचन क्षेत्र में गया, लोगों के बीच जाता रहा। मैंने काम करना जारी रखा। कीर्तिकर मुंबई से ज्यादा पुणे में रहते थे।
संजय निरुपम ने कहा कि गजानन कीर्तिकर ने नार्थ-वेस्ट मुंबई के मतदाताओं के साथ सही नहीं किया है। इसलिए हम गजाजन कीर्तिकर के इस्तीफा देने तक आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं। यह आंदोलन बाइक रैली से शुरू होगा। उसके बाद यह आंदोलन अलग-अलग रूप लेगा। अगर गजानन कीर्तिकर में कोई नैतिकता बची है, तो उन्हें इस आंदोलन को शुरू करने से पहले इस्तीफा दे देना चाहिए।