
Vijay Shivtare
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने ''पार्टी-विरोधी गतिविधियों'' के आरोप में पूर्व मंत्री विजय शिवतरे को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पुणे जिले की पुरंदर सीट से विधायक शिवतरे के निष्कासन की घोषणा शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में की गई। निष्कासन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मच गई। इस दौरान पुणे में पत्रकारों से बात करते हुए विजय शिवतारे ने कहा कि महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाला धड़ा 'असली' शिवसेना है।
विजय शिवतारे ने आगे कहा कि 2019 में कांग्रेस और एनसीपी के साथ हाथ मिलने के फैसले से शिवसेना में कोई भी खुश नहीं था। बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व को कायम रखने वाली पार्टी असली शिवसेना थी। विजय शिवतारे ने साल 2014 से 2019 तक देवेंद्र फडणवीस की सरकार में मंत्री के रूप में कार्य किया था। निष्कासन के बाद विजय शिवतारे ने बालासाहेब ठाकरे की उस पुरानी बात को याद किया जिसमें उन्होंने कहा था कि वह कांग्रेस के साथ जाने के बजाय शिवसेना को ही भंग कर देंगे। यह भी पढ़ें: Maharashtra Politics: शिंदे-फडणवीस सरकार मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख तय, जानें कितने मंत्री होंगे शामिल
विजय शिवतारे ने कहा कि वह शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को बहुत सम्मान देते हैं लेकिन कांग्रेस और एनसीपी के साथ चलने के फैसले को लेकर शिवसेना में नाराजगी को अनदेखा नहीं किया जा सकता है। उन्होंने इस साल की शुरुआत में हुए कोल्हापुर उत्तर विधानसभा उपचुनाव का उदाहरण देते हुए दावा किया कि शिवसेना का वोटर बेस प्रभावित हुआ क्योंकि कांग्रेस उम्मीदवार ने बीजेपी को 18,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया था।
बता दें कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राज्य के सीएम एकनाथ शिंदे को संगठन में पार्टी के नेता पद से हटा दिया था। उद्धव ठाकरे द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, एकनाथ शिंदे पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण यह कार्रवाई की गई थी। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के अधिकांश विधायकों ने बगावत कर दी थी, जिसके बाद राज्य की एमवीए सरकार गिर गई, और उद्धव ठाकरे को सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
विजय शिवतारे ने शिवसेना सांसद संजय राउत पर हमला बोलते हुए कहा कि सिंपल बात है कि जब दो क्षेत्रीय दल एक साथ आएंगे तो उनमें से किसी एक को नुकसान होना तय है। संजय राउत को वोटों का यह बुनियादी गणित भी नहीं पता है। उन्हें यह भी पता नहीं है कि उनकी वफादारी शरद पवार के लिए है या उद्धव ठाकरे के लिए। शिवतारे ने यह भी कहा कि अगर शिंदे खेमे और ठाकरे गुट की शिवसेना का मिलन होता है तो वो इसका स्वागत करेंगे।
Updated on:
16 Jul 2022 09:49 pm
Published on:
16 Jul 2022 09:48 pm
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