
जावेद अख्तर ने किया पोस्ट
Javed Akhtar Tweet: पड़ोसी देश बांग्लादेश के संसदीय चुनावों के नतीजों ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है। 2024 के ऐतिहासिक छात्र आंदोलन और शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद हुए इन पहले बड़े चुनावों में पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी 'बीएनपी' (BNP) ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है। इस जीत के साथ ही खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान का देश का अगला प्रधानमंत्री बनना तय माना जा रहा है।
बांग्लादेश के इन चुनावी नतीजों पर बॉलीवुड के दिग्गज गीतकार जावेद अख्तर ने अपनी बेबाक राय शेयर की है। जमात-ए-इस्लामी की हार पर खुशी जताते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "बांग्लादेश की जमात-ए-इस्लामी, जो वहां की दक्षिणपंथी विचारधारा का मुख्य स्रोत है और हिंदुओं पर होने वाले अत्याचारों के लिए जिम्मेदार मानी जाती है, चुनावों में बुरी तरह हार गई है। इसका मतलब है कि अधिकांश बांग्लादेशी जनता जमात के सांप्रदायिक पूर्वाग्रह को स्वीकार नहीं करती। यह वाकई एक अच्छी खबर है।" जावेद अख्तर के इस बयान का भारत में भी काफी समर्थन मिल रहा है।
60 साल के तारिक रहमान के लिए यह जीत किसी चमत्कार से कम नहीं है। वह दिसंबर 2025 में ही 17 साल का निर्वासन काटकर लंदन से बांग्लादेश लौटे थे। चुनाव में उनकी पार्टी BNP ने दो-तिहाई से ज्यादा यानी लगभग 212 सीटों पर कब्जा जमाया है। वहीं, जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11-पार्टी गठबंधन को महज 77 सीटों से संतोष करना पड़ा है। तारिक रहमान खुद ढाका-17 और बोगुरा-6 दोनों सीटों से बड़े अंतर से जीते हैं और आज शनिवार, 14 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
भले ही तारिक रहमान ने चुनाव जीत लिया हो, लेकिन जानकारों का मानना है कि उनकी राह आसान नहीं है। शेख हसीना के जाने के बाद देश की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। नई सरकार के सामने महंगाई पर लगाम लगाना और देश की विशाल युवा आबादी के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना सबसे बड़ी चुनौती होगी। हालांकि, जीत के तुरंत बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें फोन कर बधाई दी, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में नई शुरुआत की उम्मीद जगी है।
पिछले कुछ समय में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं पर हुए हमलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी थी। दीपू चंद्रा दास की लिंचिंग से शुरू हुई हिंसा ने कई निर्दोषों की जान ली, जिसकी निंदा जावेद अख्तर के साथ-साथ टोनी कक्कड़ और जाह्नवी कपूर जैसे सितारों ने भी की थी। अब देखना यह होगा कि तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों को कितनी सुरक्षा प्रदान कर पाती है।
Published on:
14 Feb 2026 09:48 am
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