
CM एकनाथ शिंदे और बागियों पर शिवसेना ने फिर साधा निशाना
महाराष्ट्र की सियासत में कल एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। शिवसेना (उद्धव गुट) को एक और बड़ा झटका लग सकता है। राज्य में सत्ता परिवर्तन होने के बाद भी ठाकरे गुट के कई नेता शिंदे खेमे में शामिल हो रहे हैं। एक बड़ी खबर सामने आ रही है कि शिवसेना के 12 सांसद उद्धव कैंप को छोड़ कर शिंदे गुट में शामिल होने वाले हैं। उद्धव खेमे से शिंदे गुट में शामिल होने वाले ये 12 सांसद कल दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपना फैसला सुना सकते है। इससे पहले आज एकनाथ शिंदे गुट की मुंबई के ट्राइ़डेंट होटल में एक अहम बैठक हुई थी, जिसमें इस बैठक में ये 12 सांसद ऑनलाइन मौजूद रहे।
मिली जानकारी के मुताबिक, आज देर रात सीएम एकनाथ शिंदे दिल्ली के लिए रवाना होने वाले हैं। कल इन सांसदों के साथ पीएम मोदी से मुलाकात कर सकते हैं. इस बैठक में इनके साथ डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहेंगे। इस घटना के बाद शिवसेना नेता संजय राउत के घर उद्धव ठाकरे कैंप के बचे हुए सांसदो की एक अहम बैठक हुई। यह भी पढ़ें: Maharashtra: वाशिम में NEET के परीक्षा के दौरान हुआ हंगामा, छात्राओं ने जबरन हिजाब उतरवाने का लगाया आरोप
बता दें कि शिवसेना के लोकसभा में 18 और राज्यसभा में 4 सांसद हैं। इनमें से कल 12 सांसद शिंदे गुट से जुड़ सकते हैं। गौरतलब है कि शिवसेना पहले से ही दो हिस्सों में बट गई है। कुल 55 विधायकों वाली शिवसेना के 40 विधायक सीएम एकनाथ शिंदे के साथ हैं तो अन्य 15 विधायक पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे के साथ हैं। अब शिंदे गुट का दावा है कि 12 सांसदों उनके साथ हैं।
पिछले हफ्ते पहले ही शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने आवास मातोश्री में शिवसेना के सांसदों की बैठक ली थी। ये बैठक राष्ट्रपति चुनाव को लेकर हुई थी। इस बैठक में ज्यादातर सांसदों ने एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने की बात कही थी। इस बैठक में शिवसेना के 18 लोकसभा सदस्यों में से महज 13 सांसद ही मौजूद थे। हालांकि शिवसेना सांसद संजय राउत ने दावा किया था कि 18 लोकसभा सदस्यों में से 15 सांसदों ने बैठक में भाग लिया था।
शिवसेना की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन: शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के खिलाफ बड़ा कदम उठा लिया है। शिंदे खेमे ने शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी को भंग कर नई कार्यकारिणी का गठन किया है। मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को शिवसेना का प्रमुख नेता चुना गया है। जबकि मुख्य प्रवक्ता के तौर पर दीपक केसरकर को चुना गया है। दिलचस्प बात यह है कि एकनाथ शिंदे समूह ने शिवसेना पार्टी प्रमुख के पद को नहीं छुआ है।
बता दें कि 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना के 16 विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए नोटिस देने के मामले में सुनवाई है। शिंदे खेमे में शामिल होने के कारण पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में विधानसभा उपाध्यक्ष नरहरि जिरवल ने इन विधायकों को अयोग्य ठहराने और इनकी विधायिकी रद्द करने के लिए नोटिस भेजा था। शिंदे खेमा इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चला गया था। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई पूरी होने तक इन विधायकों के ऊपर कार्रवाई करने से मना कर दिया था। इस मामले पर सुनवाई होने से पहले ही शिंदे खेमे ने उद्धव ठाकरे द्वारा नियुक्त की गई शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी को बर्खास्त कर दिया और नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया है।
इस फैसले में शिंदे गुट ने पार्टी प्रमुख के पद में कोई बदलाव नहीं किया है। इसका मतलब है कि उद्धव ठाकरे ही शिवसेना प्रमुख बने रहेंगे। बाकी पार्टी कार्यकारिणी के सारे पदाधिकारी बदल दिए गए हैं। मुंबई के ट्राइंडेंट होटल में शिंदे गुट की आज हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। शिंदे समूह ने शिवसेना की नई कार्यकारिणी का ऐलान करते हुए रामदास कदम और आनंदराव अडसुल को अपना नेता चुना है।
Updated on:
18 Jul 2022 07:31 pm
Published on:
18 Jul 2022 07:30 pm
बड़ी खबरें
View Allमुंबई
महाराष्ट्र न्यूज़
ट्रेंडिंग
