9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Maharashtra: ‘एनडीए में राज ठाकरे की मनसे की कोई जरुरत नहीं’, रामदास अठावले के बयान से चढ़ा सियासी पारा

रामदास अठावले ने कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस राज ठाकरे के कार्यक्रम में गए थे, लेकिन तब भी राज ठाकरे एनडीए में शामिल नहीं होंगे।

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Oct 24, 2022

raj_thackeray.jpg

मनसे प्रमुख राज ठाकरे

शिवसेना में फूट पड़ने के बाद बीजेपी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी मनसे के बीच पिछले कुछ दिनों से नजदीकियां बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में शिवतीर्थ पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे सभी एक साथ नजर आये थे। इसके बाद से महाराष्ट्र में शिंदे गुट-बीजेपी-मनसे ऐसा नया गठबंधन बनने की चर्चा तेज हो गई थी।

इसके बाद मनसे विधायक राजू पाटिल ने सूबे में नई गठबंधन की अटकलों को हवा देते हुए बड़ा बयान दिया। लेकिन अब केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मनसे से गठबंधन को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया है। आरपीआई प्रमुख रामदास अठावले ने कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस राज ठाकरे के कार्यक्रम में गए थे, लेकिन तब भी राज ठाकरे एनडीए में शामिल नहीं होंगे। यह भी पढ़े-Maharashtra: मुंबई की तरह नेरल और माथेरान के बीच जल्द दौड़ेंगी लोकल ट्रेनें? मध्य रेलवे बना रही योजना

रामदास अठावले ने कहा, हमें वैसे भी मनसे की जरूरत नहीं है। मुंबई नगर निगम (BMC) पर आरपीआई, बीजेपी और शिंदे गुट का झंडा फहराएगा। इसलिए हमारे महागठबंधन में राज ठाकरे की आवश्यकता नहीं है।

शिंदे और फडणवीस ने शुक्रवार को मुंबई में मनसे द्वारा आयोजित दिवाली कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मनसे की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शिंदे और फडणवीस का शामिल होना मुंबई में निकाय चुनावों से पहले संभावित राजनीतिक गठजोड़ का संकेत कहा जा रहा है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने खुद 'दीपोत्सव' समारोह में दोनों नेताओं का स्वागत किया था।

मुंबई समेत दस नगर निगमों के चुनावों की घोषणा आने वाले दिनों में होने की उम्मीद है। शिवसेना के एकनाथ शिंदे खेमे के साथ मिलकर बीजेपी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को बृहन्मुंबई महानगर पालिका की सत्ता से हटाना चाहती है।

गौरतलब हो कि शिंदे और शिवसेना के 39 विधायकों ने जून में पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी थी। इसके बाद उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना, एनसीपी व कांग्रेस की महा विकास आघाड़ी गठबंधन सरकार गिर गई थी। इसके बाद शिंदे ने 30 जून को मुख्यमंत्री पद की और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।