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Maharashtra Politics: क्या टूट जाएगा शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी का गठबंधन? कांग्रेस ने MVA को लेकर दिया बड़ा बयान

एकनाथ शिंदे के बगावत के बाद महाराष्ट्र में MVA की सरकार गिर गई। अब महाराष्ट्र में एमवीए सरकार जाने के बाद तीनों दलों में आपसी फूट दिखाई दे रही है। अब कांग्रेस के राज्य प्रमुख नाना पटोले ने चेतावनी दी कि राज्य में एमवीए गठबंधन ‘‘स्थायी नहीं’’ है।

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MVA Alliance

महाराष्ट्र में कुछ महीनों पहले तक शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की सरकार थी। शिंदे खेमे के बगावत के बाद राज्य में एमवीए की सरकार गिर गई। इस बीच गुरुवार को महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले (Nana Patole) ने विधान परिषद में विपक्ष के नेता का पद शिवसेना के अंबादास दानवे (Ambadas Danve) को दिए जाने पर आपत्ति जताई और चेतावनी दी कि राज्य में एमवीए गठबंधन ‘‘स्थायी नहीं’’ है।

नाना पटोले ने आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र विधान परिषद के विपक्ष के नेता के संबंध में फैसला लेने से पहले कांग्रेस को इस बारे में नहीं बताया गया। कांग्रेस द्वारा आयोजित तिरंगा यात्रा कार्यक्रम का उद्घाटन करने के लिए औरंगाबाद आए नाना पटोले ने कहा कि महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार केंद्रीय एजेंसियों और धन का इस्तेमाल करके सत्ता में आई है। यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र के इस गांव में हनुमान की पूजा करने पर मिलती है सजा, मारूति गाड़ी पर भी पाबंदी

बता दें कि महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में शिंदे की सरकार लंबे समय तक नहीं टिक पाएगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद एनसीपी को दिया गया है, जबकि शिवसेना को परिषद के उपसभापति का पद दिया गया। हमें लगा कि कांग्रेस को विधान परिषद में विपक्ष के नेता का पद मिलना चाहिए। लेकिन ये यह फैसला कांग्रेस से बिना बात किए लिया गया। हम इस मुद्दे को उठाएंगे।

नाना पटोले ने आगे कहा कि हम दोनों पार्टियों से बात करने को तैयार हैं। अगर इस मामले में शिवसेना बात नहीं करना चाहते तो यह उनका प्रॉब्लम है। हमने अलग परिस्थितियों में यह गठबंधन किया था। यह कोई स्थायी गठबंधन नहीं है। बता दें कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सोमवार को महाराष्ट्र विधान परिषद में नेता विपक्ष के पद के लिए पार्टी के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) अंबादास दानवे को नामित किया। अंबादास दानवे औरंगाबाद जिले के रहने वाले हैं, जहां से शिवसेना के चार बागी विधायक हैं, जो शिंदे खेमे में शामिल हो गए है।