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मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पूरी की मुराद, 8 दिन बाद कोप भवन से बाहर निकले वडेट्टीवार

विभाग बंटवारे से कांग्रेस (Congress) नेता विजय वडेट्टीवार (Vijay Wadettiwar) नाराज थे। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष वजनदार मंत्रालय चाहते थे। जो विभाग मिला था, उसे वे हल्का मान रहे थे। नाराज वडेट्टीवार ने 6 दिन से खुद को बंगले (Bunglow) में कैद कर रखा था। मुख्यमंत्री ने जैसे ही उनकी बात मानी, उन्होंने न सिर्फ पत्रकारों से बातचीत की बल्कि मंत्रालय का चार्ज भी ले लिया।

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मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पूरी की मुराद, 8 दिन बाद कोप भवन से बाहर निकले वडेट्टीवार

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पूरी की मुराद, 8 दिन बाद कोप भवन से बाहर निकले वडेट्टीवार

मुंबई. विभागों के बंटवारे के तकरीबन सप्ताह भर बाद भी महाराष्ट्र विकास आघाडी सरकार में मान-मनौवल का दौर जारी है। पसंद का विभाग नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार को शुक्रवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thakeray) ने मना लिया। विभागों के बंटवारे में ओबीसी (OBC) और नमक भूमि (Salt Pan) मंत्रालय वडेट्टीवार को मिले थे। वड्टेटीवार इन विभागों के साथ मदद-पुनर्वसन मंत्रालय भी चाहते थे। पिछले 6 दिनों से वडेट्टीवार कोप भवन में थे। रविवार के बाद आज उन्होंने पहली बार पत्रकारों से बातचीत की और कहा कि वह नाराज नहीं हैं।

उल्लेखनीय है कि शिवसेना (Shivsena) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और कांग्रेस (Congress) भी शामिल हैं। विभागों के बंटवारे के बाद शिवसेना कोटे से राज्य मंत्री बने अब्दुल सत्तार (Abdul Sattar) नाराज थे। ठाकरे परिवार के निजी निवास मातोश्री (Matoshri) बंगले मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात के बाद उनकी नाराजगी दूर हुई। कांग्रेस कोटे से मंत्री बने वडेट्टीवार पूर्व सरकार में विधानसभा अध्यक्ष थे। वह उद्धव सरकार में अहम मंत्रालय चाहते थे।

सतेज पाटील के लिए थोरात ने छोड़ा कोल्हापुर का गार्जियन मिनिस्टर पद
राजस्व (revenue) मंत्री बाला साहब थोरात (balasaheb thorat) ने कोल्हापुर (kolhpur) के पालक (gaurdian) मंत्री का पद सतेज पाटील (satej patil) के लिए छोड़ दिया है। पाटील को भंडारा का गार्जियन मंत्री बनाया गया था, जबकि वह कोल्हापुर चाहते थे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पाटील उनके अच्छे मित्र हैं। सतेज की चाहत पूरी करने के लिए मैं कोल्हापुर का पालक मंत्री नहीं बनूंगा। मुख्यमंत्री ने 8 जनवरी को सभी जिलों के लिए पालक मंत्रियों की नियुक्ति की घोषणा की थी। उल्लेखनीय यह कि कोल्हापुर को छोड़ पश्चिमी महाराष्ट्र के सभी जिलों में एनसीपी के पालक मंत्री हैं।