Mumbai Pune Weather News: महाराष्ट्र में सर्वाधिक तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस जलगांव शहर में रिकॉर्ड किया गया है। 11 मई को पुणे शहर में अधिकतम तापमान अपने चरम पर पहुंच गया।
Maharashtra Weather Forecast: महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी के साथ मुंबई-पुणे समेत राज्य के कई हिस्सों में लू चलने (Heat Wave Alert) की चेतावनी जारी की गई है। कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। मौसम विभाग (IMD) ने क्षेत्र के कुछ स्थानों पर लू चलने का अनुमान जताया है। अकोला, वर्धा और चंद्रपुर में हीटवेव की भविष्यवाणी आईएमडी ने की है। साथ ही नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों में इस साल का सबसे अधिक तापमान दर्ज किए जाने की संभावना जताई है। मुंबई और पुणे में पारा लगातार चढ़ रहा है, जबकि राज्यभर में तापमान सामान्य से अधिक है। आज पुणे में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया, जबकि मुंबई में तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। यह भी पढ़े-Cyclone Mocha : आज रफ्तार पकड़ेगा चक्रवात 'मोका', इन राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट
प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से मौसम का अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। कभी बेमौसम बारिश, कभी ओलावृष्टि तो कभी तूफानी हवाएं, जिससे गर्मी में भी मानसून का अहसास होने लगा। हालांकि बीते कुछ दिनों से राज्य के कई हिस्से भीषण गर्मी की चपेट में हैं. प्रदेश में तापमान में जबरदस्त इजाफा हुआ है। दिन में कड़क धूप के साथ तापमान बढ़ने से लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। सुबह नौ बजे से ही धूप की तपिश का अहसास होना शुरू हो गया है।
महाराष्ट्र में सर्वाधिक तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस जलगांव शहर में रिकॉर्ड किया गया है। 11 मई को पुणे शहर में अधिकतम तापमान अपने चरम पर पहुंच गया। पुणे के कोरेगांव पार्क इलाके में तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दिन-ब-दिन तापमान में इजाफा हो रहा है। इस बीच, मौसम विभाग ने प्रदेश में अधिकतम तापमान अगले 72 घंटों में रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने की संभावना जताई है। विदर्भ क्षेत्र के जिलों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। इसलिए यहां आम नागरिकों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।
मानसून आने तक तापमान में कोई खास राहत मिलने के आसार फ़िलहाल नहीं हैं। तापमान में अचानक वृद्धि का कारण बंगाल की खाड़ी में हो रहे बदलाव को बताया जा रहा हैं। चक्रवाती तूफान मोचा पिछले कुछ दिनों से बंगाल की खाड़ी में सक्रिय है। इससे न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बड़ी बढ़ोतरी हुई है।