23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Monsoon Update: महाराष्ट्र के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, मुंबई पर 24 घंटे भारी!

Mumbai Rains : आईएमडी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, अगले 24 घंटे मुंबई समेत कोंकण के कई हिस्सों में भारी बारिश की आशंका है।

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Jul 05, 2024

Mumbai Rains update

Maharashtra Weather Update : महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मॉनसून की सक्रियता के चलते भारी बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटे की अवधि के दौरान मुंबई और उपनगरों में बारिश का जोर बढ़ा है. मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़ और रत्नागिरी जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और शनिवार को भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के वरिष्ठ वैज्ञानिक सुनील कांबले ने बताया कि मुंबई में आज तेज बारिश हो सकती है। हमने मुंबई के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। 2-3 दिन मुंबई में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र के कुछ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि घाट इलाकों में मूसलाधार बारिश की संभावना है।

वहीं, विदर्भ के चंद्रपुर, गढ़चिरौली, भंडारा, गोंदिया, यवतमाल और वर्धा जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। अगले तीन दिनों तक मराठवाड़ा के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश के आसार है।

मौसम विभाग ने 7 जुलाई से 11 जुलाई की अवधि में मुंबई, ठाणे और उपनगरों में अच्छी बारिश होने के संकेत दिए है। वहीँ, कुछ मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि शनिवार को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनेगा, जिसके प्रभाव से अगले सप्ताह मुंबई में भारी बारिश की वापसी हो सकती है। यदि यह मौसमी सिस्टम मजबूत रहा तो मुंबई में अगले सप्ताह 2-3 दिनों में लगभग 200 मिमी तक बारिश हो सकती है।

गौरतलब हो कि मौसम विभाग ने जुलाई में देश में सामान्य से अधिक बारिश होने की भविष्यवाणी की है। आईएमडी ने पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से कम बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है। मौसम विभाग ने कहा, पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों और उत्तर-पश्चिम, पूर्व और दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। इसके कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों और देश के मध्य भाग में नदी घाटियों में बाढ़ आने की संभावना है।