इस बीच, तालुका वन अधिकारी नीलकंठ गव्हाने के अनुसार, पिंपरखेड और जांबूत परिसर में तेंदुओं की संख्या अधिक है, उन्हें पकड़ने के लिए 35 पिंजरे लगाए गए हैं, जिनमें अब तक 9 तेंदुओं को पकड़ा जा चुका है। वहीँ, पूर्व सांसद शिवाजीराव आढलराव ने केंद्र सरकार से मांग की है कि शिरूर, आंबेगांव, खेड और जुन्नर क्षेत्रों में बढ़ती तेंदुओं की संख्या को देखते हुए एक विशेष संरक्षण केंद्र स्थापित किया जाए और पकड़े गए तेंदुओं को वहीं रखा जाए।