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मुंबई का नर्क है मानखुर्द शिवाजीनगर विधानसभा सीट

Mumbai Mankhurd Shivajinagar assembly seat: समाजवादी और शिवसेना के बीच है मुकाबला  

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मुंबई का नर्क है मानखुर्द शिवाजीनगर विधानसभा सीट

मुंबई का नर्क है मानखुर्द शिवाजीनगर विधानसभा सीट

अरुण लाल
मुंबई. लगभग साढ़े तीन लाख की आबादी वाली मानखुर्द शिवाजीनगर विधानसभा सीट को मुंबई का नर्क कहा जा सकता है। 342 बूथों वाले इस विधानसभा की हर गली में नशे की चपेट में आते बच्चे नजर आते हैं। दिन दहाड़े हत्याएं और दूसरे अपराधों का गढ़ बन गया है यह क्षेत्र। डंपिंग ग्राउंड के चलते यहां की बहुत बड़ी आबादी टीवी और दमे जैसी दूसरी बीमारियों से परेशान है। यहां ना कोई अच्छा सरकारी अस्पताल है और ना ही कोई बड़ा स्कूल। इस सीट पर पिछले एक दशक से समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी विधायक है। समाजवादी पार्टी ने अपने मौजूदा विधायक अबू आशिम आजमी को फिर से उम्मीदवार बनाया है। वहीं शिवसेना ने विठ्ठल लोकरे को उम्मीदवार बनाया है।
इस विधानसभा सीट में लगभग तीन लाख 50 हजार मतदाता हैं। इनमें एक लाख 62 हजार मुसलमान, 85 हजार मराठी, 38 हजार उत्तर भारतीय, 15 हजार क्रिश्चन, आठ हजार गुजराती-राजस्थानी, एक हजार पंजाबी और अन्य मतदाता हैं। इस सीट पर प्रारंभ से कांग्रेस का कब्जा रहा है। 1984 से 1995 तक कांग्रेस के प्रोफेसर जावेद खान यहां के विधायक रहे। उस समय यह ट्रॉम्बे विधानसभा सीट थी।1995 में यहां पहली बार शिवसेना के रत्नाकर नारकर जीते। इसके बाद 1999 में कांग्रेस के सैय्यद सोहेल अशरफ जीते। 2004 में यहां से कांग्रेस यूसुफ अब्राहम ने जीत हासिल की। 2009 में कांग्रेस ने सैय्यद अहमद को टिकट दिया। 2009 में ट्रॉम्बे को विभाजित कर दो विधासभा सीट बना दी गई। इसमें अणुशक्ति नगर और शिवाजी नगर मानखुर्द सीट बनी। मानखुर्द से पहली बार समाजवादी पार्टी के अबू आशिम आजमी जीते, तब से वे दो बार जीते।
समाज सेवक राजकुमार शर्मा बताते हैं कि पहले यहां आबादी नहीं थी। 1972 में वर्ली से लोगों को गोवंडी में शिफ्ट किया गया। लोगों से बहुत से वादे किए गए थे, पर वे वादे कहीं पूरे नहीं हुए। यहां पर नागरिक सुविधाओं के नाम पर बहुत कम काम हुए हैं। लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। गोवंडी में मरीजों की जांच करते हुए डॉक्टर राहिल कमर सिद्दीकी पत्रिका को बताते हैं कि यहां की आबादी के लगभग 20 प्रतिशत लोग टीवी, दमें जैसी कई तरह की बीमारियों से पीड़ित हैं। लोग डंपिंग ग्राउड से तो परेशान ही थे, कि कुछ समय पहले यहां पर एसएमएस भी लाया गया। इसके तहत मुंबई भर का बायो मेडिकल वेस्ट यहां पर लाकर डंप किया जाता है, जिसे मशीन से उसको नष्ट किया जाता है। इससे वायु प्रदूषण होता है, जिससे यहां के लोगों को तरह-तरह की बीमारियां फैल रही हैं। केसरियाजी जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ के ट्रस्टी विनोद कुमार उदय चंद्र जैन बातते हैं कि बिना डंपिंग ग्राउंड हटे यहां के लोगों का जीवन बेहतर नहीं होगा। इसके बाद एसएमएम हमारी बड़ी समस्या है। इसके चलते यहां के लोगों का जीवन बहुत कठिन होता जा रहा है। नाम न छापने की शर्त पर एक समाजसेविका ने बताया कि मानखुर्द में ड्रेनेज सिस्टम बहुत खराब है। न्यू गौतम नगर में तो टॉयलेट की लाइन सीधे गटर में छोड़ी गई है। बरसात में जब पानी गटर से बाहर सड़कों पर आता है, तो यहां बीमारियां फैलती हैं। हर वर्ष लोगों की मौत हो जाती है। यहां से बड़े पैमाने पर बच्चे नशे की चपेट में हैं। नशे के कारण अपराध चरम पर है। दिन दहाड़े हत्याएं हो रही हैं। तीनों प्रत्याशी बहुत दमखम लगा रहे हैं। समाजवादी पार्टी इस सीट पर ताकतवर है, तो तीन बार नगरसेवक रह चुके विट्ठल लोकरे की लोकप्रियता उन्हें मजबूती से खड़ा कर रही है। इस विधानसभा सीट से कुल 10 उम्मीदवार मैदान में हैं।