आदित्य ठाकरे की मांग के बाद MHADA का फैसला

  • मिल कर्मचारी अब पांच साल में बेच सकेंगे घर
  • बिक्री के लिए पहले न्यूनतम 10 साल की थी शर्त

मुंबई. म्हाडा की ओर से मिल कर्मचारियों को कम लागत वाले घरों की बिक्री के लिए न्यूनतम 10 साल की शर्त को समाप्त कर दिया गया है, अब मिलवे पांच वर्ष की अवधि के बाद अपने घर बेच सकेंगे। रत्नागिरी में आयोजित म्हाडा प्राधिकरण की बैठक में यह अहम निर्णय लिया गया। युवा सेना के प्रमुख आदित्य ठाकरे ने इस संबंध में मांग की थी।
मिल के कुल क्षेत्रफल के एक तिहाई हिस्से पर श्रमिकों के लिए म्हाडा की ओर से घर बनाए जा रहे हैं। मुंबई समेत कल्याण, खोणी और अन्य क्षेत्रों में आवास योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। वहीं निकासी का विकल्प भी अपनाया गया है। मुख्य शर्त यह थी कि उन्हें मकान देते समय 10 साल तक मकान नहीं बेचना चाहिए, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते कई मिल कर्मचारियों ने इन घरों को बिचौलियों के माध्यम से बेच दिया।

15 साल का महाराष्ट्र निवासी हो खरीददार...
अब तक मिल श्रमिकों को दिए गए घरों की बिक्री के लिए 10 साल की सीमा तय थी, लेकिन ऐसे उदाहरण सामने आए, जब कई मजदूरों ने कब्जा जमाते ही अपने मकान बेच दिए। तब से इन घरों की बिक्री के लिए न्यूनतम समय को कम करने का आग्रह किया गया था। शिवसेना के युवा सेना के अध्यक्ष आदित्य ठाकरे के नेतृत्व में विधायकों ने म्हाडा अध्यक्ष उदय उदय से मिलकर समय सीमा को कम करने का सुझाव दिया। इसके अलावा यह मांग की गई थी कि घर खरीदने वाला व्यक्ति कम से कम 15 साल का महाराष्ट्र का निवासी होना चाहिए। उक्त मामलों में म्हाडा प्राधिकरण की बैठक में इसे मंजूरी दी गई है।

Rohit Tiwari Reporting
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