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मुंबई में फिर बढ़ें CNG-PNG के दाम, सड़क से लेकर किचन तक आम आदमी की जेब होगी ढीली, जानें नई कीमतें

CNG-PNG Price: मुंबई में सीएनजी की कीमत में 6 रुपये प्रति किलो और पीएनजी की कीमतों में 4 रुपये प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई है। इससे मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में सीएनजी की कीमत 86 रुपये प्रति किलोग्राम और पीएनजी की कीमत बढ़कर ₹52.50 प्रति एससीएम हो गई है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Oct 04, 2022

Mumbai CNG, PNG New Price

मुंबई में महंगी हुई सीएनजी और पीएनजी

Mumbai CNG-PNG Price Hike: मुंबई के लोगों को नवमी (4 अक्टूबर) के दिन से महंगाई का डबल झटका (Mumbai CNG, PNG New Price) लगा है। शहर में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) और पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की कीमतों में बड़ा इजाफा किया गया है। जिसके बाद मुंबई में मंगलवार (4 अक्टूबर) से सीएनजी (CNG) 86 रुपये प्रति किलो और पीएनजी (PNG) 52.50 रुपये प्रति किलो के दाम पर बिक रहा है।

शहर में गैस वितरण फर्म महानगर गैस लिमिटेड (एमजीएल) ने सीएनजी के दाम छह रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ा दिए हैं। इसके अलावा पाइप के जरिये आपूर्ति की जाने वाली रसोई गैस यानी पीएनजी की कीमतों में चार रुपये प्रति यूनिट (एससीएम) की वृद्धि की गई। नई कीमतें सोमवार मध्यरात्रि से लागू हो गई है। यह भी पढ़े-Maharashtra: ‘...मेरी आंखों में आंसू आ गए थे’, शरद पवार ने सुनाया सुशील कुमार शिंदे से जुड़ा अनसुना किस्सा

कंपनी ने इस बढ़ोतरी के पीछे की वजह केंद्र सरकार द्वारा एक अक्टूबर से गैस कीमतों में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी को बताया है। हाल ही में पेट्रोलियम मंत्रालय के तहत पेट्रोलियम मूल्य एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ ने 1 अक्टूबर से अगले छह महीनों के लिए घरेलू स्तर पर उत्पादित गैस की कीमतों में 40 प्रतिशत की भारी वृद्धि की। इससे पहले एक अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय कीमतों का हवाला देते हुए गैस के दाम 110 प्रतिशत बढ़ाए गए थे।

उल्लेखनीय है कि सरकार साल में दो बार 1 अप्रैल और 30 सितंबर को गैस कीमतों में संशोधन करती है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एमजीएल ने बताया कि नई बढ़ोतरी के बाद सीएनजी और पेट्रोल के बीच मूल्य बचत घटकर 45 प्रतिशत रह गई है। जबकि पीएनजी और एलपीजी के बीच यह अंतर सिर्फ 11 प्रतिशत का रह गया है।

एमजीएल ने कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी के अलावा, सरकार ने एमजीएल को गैस के आवंटन में भी 10 प्रतिशत की कमी की है, जिसके कारण एमजीएल को बाजार से काफी अधिक लागत पर प्राकृतिक गैस खरीदना पड़ रहा है। साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट को भी बढ़ोतरी का एक कारण बताया गया है।