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Mumbai Fire: फायर ब्रिगेड की देरी से गोरेगांव आग में बढ़ा जानमाल का नुकसान! मंत्री बोले- चूक तो हुई है

Goregaon Building Fire: सरकार ने मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार से 2 लाख रुपये तक की सहायता देने की घोषणा की है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Oct 06, 2023

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गोरेगांव में आग लगने से 8 लोगों की मौत

Mumbai Fire Update: मुंबई के गोरेगांव इलाके (Goregaon News) में शुक्रवार को इमारत में लगी भीषण आग में मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। जबकि 36 लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को आज ही 4 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार से 2 लाख रुपये तक की सहायता देने की घोषणा की है। मृतकों में बच्चे भी शामिल है।

गोरेगांव पश्चिम में एसआरए की इमारत जय संदेश भवन में रात करीब 3 बजे भीषण आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया और बिल्डिंग की कई मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि अगर फायर ब्रिगेड समय पर घटनास्थल पर पहुंच जाती तो आग लगने से इतना नुकसान नहीं होता। यह भी पढ़े-Mumbai Fire: गोरेगांव अग्‍निकांड की होगी उच्चस्तरीय जांच, मुआवजे का ऐलान, चश्मदीद ने बयां किया खौफनाक मंजर


BMC कमिश्नर ने क्या कहा?

बीएमसी कमिश्नर इकबाल सिंह चहल (Iqbal Singh Chahal) ने कहा, "आग रात 3 बजे के करीब लगी। तड़के 3.10 बजे फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग सबसे पहले इमारत की दो मंजिलों पर फैली थी। लोगों की मृत्यु जलने से नहीं दम घुटने से हुई.. आगे से घना धुआं फैला हुआ था... सभी घायलों को मुफ्त इलाज दिया जाएगा। अगर कोई दवा बाहर से लानी पड़ी तो उसका खर्च भी प्रशासन उठाएगा। मृतकों के परिजनों का पता लगाकर उन्हें जल्द मुआवजा दिया जाएगा।"

बीएमसी (BMC) कमिश्नर ने बताया, इस इमारत के कुछ फ्लैटों में वाघरी समुदाय (Waghri) के लोगों का पुनर्वास किया गया है। वे पुराने कपड़े लेने का काम करते हैं। उनका काफी सामान इमारत की पार्किंग एरिया में रखा हुआ था। आग लगने के बाद यह उनके सामान तक फैल गया और आग भीषण हो गई।

चूक तो हुई है- मंत्री

गोरेगांव अग्‍निकांड पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा, "पीड़ितों की मृत्यु धुएं के कारण हुई है... उच्चस्तरीय कमेटी बनाई जाएगी, जो 15 दिनों में रिपोर्ट देगी... चूक तो हुई है, लेकिन इसके लिए ज़िम्मेदार कौन है यह अभी कहना अभी ठीक नहीं होगा। अभी गलतियां निकालने का समय नहीं है, अभी घायलों का सही इलाज कराने का समय है। जांच के बाद किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।"


चश्मदीदों ने क्या कहा?

इस घटना के एक चश्मदीद गवाह अभिनेता मनीष चतुर्वेदी (Manish Chaturvedi) भी हैं। जो बगल की इमारत में रहते है। उन्होंने कहा, "घटना देर रात 2.30 बजे से 3 बजे के बीच हुई। मैं लगभग 1.30 बजे एक पार्टी से लौटा था और फिर सो गया था। अचानक रात लगभग 2.45 बजे मुझे जलने की गंध महसूस हुई तो मैं उठा और सबसे पहले अपने कमरे को देखा की कहीं आग यहां तो नहीं लगी है। फिर मैंने अपने भाई को जगाया। फिर हमने नीचे से धुआं उठते देखा... हमने तुरंत फायर ब्रिगेड को फोन किया। फायर ब्रिगेड को मेरी कॉल 3 बजकर 6 मिनट पर लगी, लेकिन सामने से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई.... मुझे लगता है कि अगर फायर ब्रिगेड सतर्क होती तो नुकसान इतना अधिक नहीं होता। पुलिस समय पर पहुंच गई थी... स्थिति बहुत हृदय विदारक थी... लोग मदद के लिए चीख रहे थे... इधर-उधर भाग रहे थे।''

एक पीड़ित के रिश्तेदार ने बताया कि इमारत में आग शॉर्ट सर्किट से लगी और तेजी से फैली। घटना के समय सभी सो रहे थे... फायर ब्रिगेड भी देरी से पहुंची, जिससे आग इमारत में उपरी मंजिल तक फैल गई।